फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑनर किलिंग में हत्यारे को सजा-ए-मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
ऑनर किलिंग के एक मामले में कोर्ट ने हत्यारे को फांसी की सजा सुनाई है। प्रेमी युगल को मारने के मामले में कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक माना जा रहा है। इसमें प्रेमिका के भाई ने ही प्रेमी युगल की गोलियों से हत्या कर शव छिपा दिए थे।
विज्ञापन


गंगोह क्षेत्र के उलावली गांव निवासी अश्वनी और तीतरो क्षेत्र के कोलाखेड़ी गांव निवासी मोबिना में प्रेम प्रसंग था। मोबिना के भाई भूरा ने साले मामू के साथ तीन नवंबर 2011 को अपने घर में ही प्रेमी युगल की गोली मारकर हत्या कर उनके शव छिपा दिए गए थे।

कब्र खुदवाकर निकाली गई मोबिना की लाश

अगले दिन कुएं से अश्वनी की लाश मिली थी। चार नवंबर को अश्वनी के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला था कि मोबिना के शव को कब्रिस्तान में दबा दिया गया था।

सात नवंबर को जिलाधिकारी के आदेश पर कब्र खुदवाकर मोबिना की लाश निकाली गई थी। इसके बाद हुई जांच में दोनों की हत्या का आरोपी भूरा ही पाया गया। इस मामले में साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने भूरा को दोषी पाया है जबकि उसके साले मामू को दोषमुक्त कर दिया है।
विज्ञापन

रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का मामला

एडीजे रामकेश सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि अभियुक्त की अवस्था को देखते हुए उसमें मानसिक बदलाव की गुंजाइश नहीं है। यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में आता है।

भूरा को धारा 302 के अपराध में मृत्युदंड और दस हजार रुपये का अर्थदंड और धारा 201 के अपराध में सात साल का कठोर कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं अदा करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उसकी सभी धाराएं साथ-साथ चलेंगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें