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शादी की सालगिरह पर सजी चिता

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वादा तो सात जन्मों का था, लेकिन मनहूस घड़ी ने शादी की 12वीं सालगिरह के एक दिन पहले जुदा कर दिया। विंग कमांडर राजी नायर की पत्नी स्मिता एयरक्राफ्ट क्रैश होने की खबर के बाद से ही सुधबुध खो चुकी थीं।
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बूढ़े पिता और मां रोते हुए एक दूसरे को दिलासा देते रहे। वहीं दोनों मासूम बच्चे पापा के आने की उम्मीद में नजरें गड़ाए रहे। दोनों मासूम नहीं समझ पाए कि उनके पिता के साथ हुआ क्या है।

राजी नायर अपनी मैरिज एनिवर्सिरी पूरे परिवार के साथ मनाने के लिए पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर आगरा आए थे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

शादी की 12वीं सालगिराह

ट्रेनिंग के लिए आगरा तैनाती मिली तो विंग कमांडर राजी नायर ने इसे परिवार के साथ मिलने का मौका माना। हिंडन में परिवार सहित रह रहे राजी बच्चों की छुट्टियों के बीच मिले इस मौके के साथ शादी की 12वीं सालगिरह मनाने के लिए पत्नी और बच्चों को भी ले आए थे।

तैयारी भी थी, लेकिन गुरुवार को घर से जो गए तो शनिवार को मैरिज एनिवर्सिरी वाले दिन उनका पार्थिव शरीर लौटा। एयरफोर्स की गाड़ी में तिरंगे लिपटे ताबूत के उतरते ही आंसुओं का जो सैलाब बहा, मानो पूरा शहर रो पड़ा। पुष्पांजलि बाग एक्सटेंशन के साथ केरल के मूल निवासी सैकड़ों लोग नायर परिवार के साथ दुख की घड़ी में साथ रहे।

7वीं से था एयरफोर्स का जुनून

राजी नायर के साथ पीटर्स में साथ पढ़े वरदान शर्मा और डा. मनु पचौरी ने बताया कि राजी में कक्षा सात से ही एयरफोर्स के लिए जुनून था।

एनसीसी ज्वाइन कर सी सर्टिफिकेट लिया और सूबे के गवर्नर से पुरस्कार भी मिला। हाल में एल्युमिनाई समारोह में राजी के साथ सभी दोस्तों की मुलाकात हुई थी। केदारनाथ हादसे और हरक्युलिस की ट्रेनिंग की जानकारी पर दोस्तों का सीना भी गर्व से चौड़ा हो गया था।

एयरफोर्स ने रात में भेजे डाक्टर
हरक्युलिस विमान हादसे में जान गंवाने वाले विंग कमांडर राजी नायर के पिता केसीएस नायर टीबी हास्पिटल से रिटायर्ड हैं और मां भी एसएस मेडिकल कालेज में मैट्रन पद से रिटायर हो चुकी हैं।

बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद सदमे में पहुंचे मां-बाप और पत्नी की देखरेख के लिए एयरफोर्स ने दो डाक्टरों को घर भेजा था, जो पूरी रात उनके साथ रहे और स्वास्थ्य जांच के साथ उन्हें ढांढस बंधाते रहे। शनिवार सुबह एयरफोर्स पार्थिव शरीर लेने गए परिजनों के साथ महिला जवान पूरे समय उनके साथ रहीं और देखरेख करती रहीं।
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5 साल बाद 15 दिन को मिला मित्र

नेशनल डिफेंस एकेडमी में एक साथ ट्रेनिंग करने वाले विंग कमांडर राजी नायर और आगरा के केदार नगर के ही लेफ्टिनेंट कर्नल गगन कात्याल 15 साल बाद संपर्क में आए भी तो महज 15 दिन के लिए।

सेंट पीटर्स के छात्र राजी और एयरफोर्स स्कूल के गगन कात्याल एनडीए की ट्रेनिंग के बाद दोनों दोस्त 15 साल तक एक-दूसरे से संपर्क में नहीं रह सके।

दिल्ली में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल गगन ने 15 दिन पहले ही हिंडन बेस पर रहे विंग कमांडर राजी नायर से फोन पर बात की थी और होली के बाद परिवार सहित मिलने का वादा किया। शुक्रवार को सुपर हरक्युलिस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर के बाद गगन कात्याल आगरा दौड़े चले आए।

न प्रशासन, न पुलिस अधिकारी पहुंचे
देश को सर्वोच्च बलिदान देने वाले आगरा के शहीद विंग कमांडर को श्रद्धांजलि देने के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे, लेकिन प्रशासन और पुलिस अधिकारियों में से कोई न पहुंचा।

एयरफोर्स के अफसरों ने जब न्यू आगरा पुलिस से ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए संपर्क किया, तब दो कोबरा जवान पहुंचे और चंद मिनट रुककर लौट गए। पोइया घाट पर अंतिम संस्कार के लिए एयरफोर्स के बड़े से लेकर छोटे अफसर और जवान तक मौजूद थे। उन सभी के बीच पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गैर-मौजूदगी को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
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