जस्टिस वर्मा कमेटी द्वारा बलात्कारियों को फांसी की बजाय उम्रकैद की सजा दिए जाने की सिफारिशों से दिल्ली गैंगरेप की शिकार बिटिया 'दामिनी' के बाबा सहमत नहीं हैं। बिटिया के गांव के लोगों ने भी दरिंदों को फांसी देने की मांग की है।
बिटिया के बाबा ने अमर उजाला से कहा कि जस्टिस वर्मा कमेटी ने दरिंदों को उम्रकैद की सजा देने की जो सिफारिश की है उससे हम सहमत नहीं हैं। ऐसा घिनौना काम करने वालों को फांसी से कम सजा जनभावनाओं का अनादर करना है। आगे देश में किसी भी बिटिया के साथ इस तरह की घटना न हो इस बारे में सोचने की जरूरत है।
अलबत्ता उन्होंने वर्मा कमेटी द्वारा निर्धारित समय एक माह में रिपोर्ट पेश करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि इसी प्रकार हर केस में जल्द जांच और कार्रवाई हो तो पीड़ित परिवारों को निश्चित ही राहत मिलेगी।
उधर, देश में फांसी का फंदा तैयार करने वाली इकलौती बक्सर सेंट्रल जेल के अधीक्षक सुरेंद्र कुमार अम्बष्ठ ने भी कहा कि गैंगरेप के गुनहगारों को फांसी ही दी जानी चाहिए। दिल्ली घटना इतनी जघन्य है कि इसके दोषी क्षमा के योग्य नहीं है। उन्हें फांसी देने से ऐसे लोगों को सबक मिलेगी। वे भविष्य में महिलाओं व छात्राओं के साथ ऐसी घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचेंगे।