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सुसाइड नोट में सहकर्मियों का कच्चा-चिट्ठा खोल हरिद्वार के धर्मशाला की खुदकुशी

Mon, 17 Jul 2017 12:36 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, लखनऊ
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फाइल
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करोड़ों के आयकर रिटर्न महा घोटाले में सीबीआई का शिकंजा कसने से घबराए संविदा कर्मी ने हरिद्वार के एक धर्मशाला में फांसी लगाकर जान दे दी। इससे पहले कई पन्नों
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के सुसाइड नोट में उसने खुद को बेकुसूर बताते हुए सहकर्मियों का कच्चा चिट्ठा खोला। पांच दिन से लापता संविदाकर्मी के पिता ने महानगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 

पुलिस के मुताबिक, निशातगंज की चौथी गली निवासी आयकर विभाग का संविदा कर्मी आनंद वाजपेयी (40) मंगलवार सुबह पत्नी वंदना से ऑफिस जाने की बात कहकर
घर से निकला था। देर शाम तक न लौटने पर वंदना ने कॉल की।

पिता महेश राम वाजपेयी ने आयकर अधिकारी सुनील मेहरोत्रा से जानकारी की और अगले दिन आयकर विभाग जाकर बेटे के बारे में पूछताछ की। पता चला कि आयकर रिटर्न घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने नवल किशोर रोड स्थित ऑफिस में पूछताछ के लिए बुलाया था।
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वहां भी आनंद की कोई खबर न मिलने पर महेश राम ने गुमशुदगी दर्ज कराई और अपने स्तर से बेटे की तलाश में जुटे थे। इस बीच पुलिस ने आनंद द्वारा हरिद्वार के एक धर्मशाला में खुदकुशी कर लेने की सूचना दी गई। 

हरिद्वार संवाददाता ने बताया कि जिला महिला अस्पताल के सामने स्थित धर्मशाला के मैनेजर ने एक कमरे में ठहरे यात्री आनंद वाजपेयी द्वारा दरवाजा न खोले जाने पर शनिवार रात 10 बजे पुलिस को सूचना दी। एसएसआई अजय कुमार मौके पर पहुंचे। किसी तरह दरवाजा खोला। पंखे से कसे गमछे के फंदे से आनंद का शव लटक रहा था। कमरे से कई पन्ने का सुसाइड नोट मिला।

इसमें आनंद ने परिवारीजनों के लिए भावनात्मक टिप्पणी के साथ लिखा कि आयकर रिटर्न घोटाले में विभाग के दो व्यक्ति शामिल हैं और निर्दोष होने के बावजूद उस पर शिकंजा कस रहा है। सीबीआई उससे पूछताछ कर रही थी। बेटे की मौत की सूचना पर महेश राम अपने रिश्तेदारों के साथ रविवार सुबह हरिद्वार पहुंचे।  बताया कि आनंद के परिवार में पत्नी वंदना, बेटी नैना और छह महीने का बेटा है। आयकर रिटर्न महाघोटाले में विभाग के 20 कर्मचारी सीबीआई की जांच के दायरे में हैं।  
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ये था महा घोटाला 
आयकर विभाग के कर्मचारियों से साठगांठ करके जालसाजों ने बड़े आयकरदाताओं के नाम से फर्जी बैंक अकाउंट खोले और रिफंड के करोड़ों रुपये फर्जी खातों में
स्थानांतरित करके हड़प लिए। हेराफेरी में आयकर अधिकारी के आरएसए टोकन व पासवर्ड का इस्तेमाल किया गया था। जालसाजी में सौ से अधिक लोगों की संलिप्तता
सामने आई थी।
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