जिला पंचायत सदस्य के भाई का शव रेलवे लाइन पर मिलने से हड़कंप मच गया। शरीर पर कई जगह जख्म और चोट के निशान देखकर परिजनों ने हत्या की संभावना जताई है। सूचना पर मौके पर पहुंचे सदर विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। वहीं पुलिस का कहना है कि हालातों को देखकर खुदकुशी की भी संभावना है।
वार्ड नंबर 17 सरैंया से जिला पंचायत सदस्य अनिल पटेल के बड़े भाई सुनील कुमार पटेल (30) पुत्र भैरों प्रसाद निवासी नयापुरवा रूकमाबुजुर्ग शनिवार की रात अपने रिश्तेदार राम सुहावन निवासी सेमरिया के साथ बोलेरो से रूकमा गए थे। सुनील कुमार मौजूदा समय में कर्वी माफी में रह रहे थे। रूकमा में अपनी मां व पत्नी से मिलकर वह अपनी बहन के घर घुरेटनपुर चले गए थे। वहां कुछ देर रुकने के बाद बांदा चले गए। लौटते समय दोस्तों के साथ ढाबे में खाना खाया और राम सुहावन के साथ बेड़ी पुलिया पहुंचे। यहां बोलेरों से उतरकर वह कहीं चले गए और राम सुहावन को बोलेरो के साथ घर भेज दिया। उधर सुनील के घर न पहुंचने पर परिजनों को चिंता होती रही। रविवार की सुबह तरौंहा मार्ग पर रेलवे लाइन पर सुनील मृत अवस्था में मिले।
शव मिलने पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोगोें की भीड़ जुट गई। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सूचना पाकर विधायक वीर सिंह पटेल, चंद्रभान सिंह, पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल, आरके पटेल व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर यादव मौके पर पहुंचे। परिजनों को ढाढ़स बंधाने के बाद सभी सुनील की हत्या कर शव रेलवे लाइन पर फेंके जाने की संभावना जताई। परिजनों ने बताया कि सुनील के सिर, पैर व हाथ में गंभीर चोटें हैं।
जिससे लगता है कि उसे मारकर खुदकुशी का रूप देने का प्रयास किया गया है। सुनील राज मिस्त्री का काम करने के साथ ठेकेदारी भी करता था। कोतवाल रनवीर सिंह ने बताया कि हत्या की संभावना से मना नहीं किया जा सकता है, लेकिन जिस तरह से राम सुहावन के बयान हैं। उससे लगता है कि खुदकुशी की भी संभावना हो सकती है। पुलिस सभी पहलु पर जांच कर रही है।