राजापुर/ मऊ। यमुना नदी के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। सोमवार को राजापुर व मऊ क्षेत्र के 50 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों के संपर्क मार्ग पर जलभराव होने से आवागमन बंद हो गया है। वहीं फसलें भी जलमग्न हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रविवार रात दो बजे से अचानक जलस्तर बढ़ा है। हालांकि अभी खतरे का निशान दूर है। अभी किसी गांव में खतरा नहीं है। कर्मचारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं तिरहार में तीन और मऊ में तीन नांव लगाई गईं हैं।
लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बीते दो माह में चौथी बार यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा है। रविवार को यमुना नदी का जलस्तर 82 मीटर रिकार्ड किया गया था। जबकि सोमवार को यह 88 मीटर पहुंच गया है। सड़कों पर दो से तीन फीट ऊपर पानी बह रहा है। तिरहार क्षेत्र में अर्की जाने वाले मार्ग को जीवन रेखा कहा जाता है। इस सड़क पर जलभराव होने से अर्की, अतरौली, देवारी, हस्ता, बिहरावा, चांदी, धुमाई, नैनी व धौरहा आदि गांवों का संपर्क कट गया है। जिससे जनजीवन प्रभावित है।
ग्रामीण सुरेश त्रिपाठी, राजेश सिंह, रामलाल आदि ने बताया कि हर साल बरसात में यमुना का जलस्तर बढ़ने से सड़कों में पानी भर जाता है। इससे आवागमन बंद हो जाता है। एसडीएम फूलचंद्र यादव ने बताया कि जो गांव बाढ़ से प्रभावित है वहां पर राजस्व विभाग की टीम व लेखपालों को भेजा गया है। अभी किसी भी गांव में खतरा नहीं है। प्रशासन बराबर नजर बनाए है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एसके सिंह ने बताया कि राजापुर क्षेत्र में दोपहर तीन बजे तक 88 मीटर तक पानी रहा। जबकि खतरे का निशान 93.50 मीटर है।
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मऊ के 10 गांवों का संपर्क कटा
मऊ। यमुना से सटे गांवों के रास्ते में पानी भरने से इस क्षेत्र के भी 10 से अधिक गांव प्रभावित हैं। इससे इन गांवों का संपर्क कट गया है। खेतों में भी पानी गया है।
मवई- बरवार की सड़क में बने रपटे में पानी भर जाने से आने जाने में समस्या हो रही है। ग्रामीण तीन किमी का चक्कर लगाकर दूसरे रास्ते आ रहे हैं। वहीं बरियारी गांव के पास बनी सड़क में भी पानी जाने से बरहा कोटरा, कनभय, भैरमपुर आदि गांव प्रभावित हैं। बरवार गांव रामलाल ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढ़ने की फिर शुरुआत हुई है। एसडीएम रामऋषि रमन ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम निगरानी बनाए हुए हैं।
फोटो05सीकेटीपी-10- परिचय- राजापुर में बाढ़ के चलते सड़क पर भरा पानी व उससे गुजरते ग्रामीण। संवा