चित्रकूट। गल्ला मंडी सचिव और आढ़तियों के बीच चल रहे विवाद का कोई हल न निकलने पर नाराज आढ़तियों ने मंडी कार्यालय के बाहर शनिवार को क्रमिक अनशन शुरू किया। क्रमिक अनशन शुरू होने की जानकारी पर डीएम के हस्तक्षेप पर एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में आढ़तियों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत शुरू हुई, लेकिन फिलहाल कोई परिणाम नहीं निकला। आढ़ती लिखित समझौता या आश्वासन की मांग पर अड़े हैं।
आढ़तियों ने आरोप लगाया कि मंडी सचिव जानबूझकर अवकाश से नहीं लौट रहे हैं। हड़ताल को लंबा खिंचने पर राजस्व के हो रहे नुकसान की चिंता अधिकारियों को नहीं है। 25 अगस्त को मुख्यालय के शंकर बाजार स्थित गल्ला मंडी परिसर में एक व्यापारी का बिजली कनेक्शन काटने के बाद हुए विवाद में मंडी सचिव ने 17 व्यापारियों पर नामजद संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इसके बाद से लगातार नाराज आढ़तियों की हड़ताल जारी है। आढ़तियों ने प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी और डीएम से मिलकर दोनों को मामले की जानकारी दी थी। शनिवार को मंडी परिसर में गल्ला व्यापार समिति की बैठक हुई, जिसमें आढ़तियों ने कहा कि जब कैबिनेट मंत्री व डीएम समझौता कराने की बात कर रहे हैं, तो मंडी सचिव अवकाश से क्यों नहीं लौट रहे हैं। उनके न लौटने के पीछे हड़ताल को ज्यादा दिन तक चलाने की योजना है। उन्हें राजस्व के हो रहे नुकसान की चिंता नहीं है।
इसके बाद आढ़तियों ने मंडी परिसर में ही अनशन शुरू कर दिया। गल्ला व्यापार समिति के संरक्षक शिवमंगल सिंह, अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, महामंत्री गुलाब गुप्ता, उपाध्यक्ष रज्जन गुप्ता, श्यामलाल सिंह, मंत्री इंद्रसेन केशरवानी, लक्ष्मी केशरवानी, मुंशीलाल, सुमेरचंद्र, गंगा प्रसाद व रामलाल पहले दिन अनशन पर बैठे।
अनशन शुरू होने की जानकारी पर जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय के निर्देश पर सदर एसडीएम रामप्रकाश और सीओ रजनीश यादव की मौजूदगी में गल्ला आढ़तियों के एक प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई।
देर शाम तक चली बैठक में आढ़ती लिखित समझौते की मांग पर अड़े रहे, लेकिन फिलहाल अधिकारी राजी नहीं थे। एसडीएम ने कहा कि मंडी सचिव के अवकाश से लौटने पर ही आगे की बातचीत होगी। इस संबंध में मंडी सचिव विपुल कुमार ने कहा कि अपरिहार्य कारणों से वह अवकाश से ड्यूटी पर नहीं लौट पा रहे हैं।