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Chitrakoot News: यमुना नदी में दूसरे दिन भी जलस्तर बढ़ने से दुश्वारियां बढ़ गई

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नाव से आवागमन करते ग्रामीण - फोटो : संवाद
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मऊ/ राजापुर(चित्रकूट)। यमुना नदी का बुधवार को भी जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों के लिए कई दुश्ववारियां बढ़ गई है। रास्तों में पानी भरने से मऊ क्षेत्र के यमुना नदी के किनारे बसे पांच से अधिक गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। ग्रामीण नाव के सहारे आते जाते हैं। नदी के किनारे खेतों में भी पानी भर गया है। राजापुर क्षेत्र में यमुना नदी किनारे बसे दस से अधिक गांव के निवासी भी प्रभावित हैं। इनके सामने आजीविका का संकट आ गया है। कई ने बताया कि बीमार होने पर इलाज कराने नहीं जा पा रहेहैं।
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क्षेत्र के कुछ गांव के रास्तों में पानी भरने से आवागमन करने में समस्या हो रही है। यमुना नदी व कौशिकी नदी का पानी मवई कला गांव के पास बने रपटे में भर गया। इससे पांच से अधिक गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। इसके कारण मवई कला, बरवार, बरम बाबा का पुरवा सहित दो अन्य गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। ग्रामीण नाव का सहारा ले रहे हैं। मवई कला गांव के सोहन लाल , अनीता निषाद ने बताया कि इस साल तीन बार यमुना नदी में बाढ़ आ चुकी। दो दिन से एक बार फिर से पानी बढ़ा हुआ है। हालत यह कि रास्ते के रपटे में पानी भर जाने से पूरी तरह से आवागमन बंद हो गया है। नाव के सहारे ही आते जाते है। जहां नाव वाले मनमाना किराया ले रहे हैं। बिजली की आपूर्ति भी गांव में बंद है। इससे समस्या हो रही है। परदवां गांव की सुनीता देवी, सरोज ने बताया कि उनके गांव को जाने वाले रास्ते में पानी भर हुआ है। इससे आवागमन बंद है।



राजापुर क्षेत्र में भी यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी के किनारे बसे दस गांव से अधिक गांव प्रभावित है। इसमें चिल्लीमल, भदेदू, सुरसेन, बेराऊर, सहित अन्य गांव के पास नदी का पानी भरा होने यमुना नदी के किनारे बसे खेतों में भर गया है। चांदी धीरधुमाई गांव के सोमनाथ गर्ग, गंगू गांव के छोटे लाल ने बताया कि नदी का पानी खेतों में भर गया है। इससे जिन किसानों ने तिल की फलस लगाई है। उनका नुकसान हो रहा है। बरूआ गांव के सुनील ने बताया कि रास्ते में पानी भर जाने से निकलने में समस्या हो रही है।
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मवई के शंभू व चुनकीदेवी ने बताया कि लगातार तीन दिन से वह गांव से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। वह सब प्रतिदिन कमाने खाने वाले हैं। इससे आजीविका का संकट आ गया है। बरमबाबा के पुरवा की संतोषी देवी ने बताया कि उसके पति मनोज की तबियत खराब है। बाढ के चलते वह इलाज कराने नहीं जा पा रही है। एसडीएम सौरभ यादव ने बताया कि बाढ पीड़ितों की मदद के लिए नाव लगाई गई है। किसी भी शिकायत या परेशानी की जानकारी होने पर राजस्वकर्मी मौके पर जाकर सहायता करते हैं। इसके लिए मऊ कस्बे में बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है। सिंचाई विभाग के अभियंता आशीष भारती ने बताया कि यमुना नदी का पानी जल स्तर धीरे-धीरे कर बढ़ रहा है खतरे का निशान 92.5 है जबकि नदी का जलस्तर 86 मीटर है।
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