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श्रमिकों ने रोकी एसडीएम की गाड़ी

Sun, 12 Jun 2016 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
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मजदूरों से बातचीत करते नायब तहसीलदार हर्षवर्धन सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा से बंधनमुक्त होकर आए श्रमिकों ने दूसरे दिन भी मुख्यालय में डेरा जमाए रखा और सुबह कलेक्ट्रेट में एसडीएम की गाड़ी रोककर अपनी पीड़ा बताई। एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार ने सभी श्रमिकों के बयान दर्ज किए। नायब तहसीलदार ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
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गौरतलब है कि चित्रकूट, बांदा व सतना जिले के 88 श्रमिकों ने मथुरा के एर्क इंट भट्ठा संचालक पर बंधुआ बनाकर मजदूरी कराने का आरोप शुक्रवार को लगाया था। श्रमिकों का कहना था कि बंधुआ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दलसिंगार ने मथुरा के अधिकारियों से मिलकर किसी तरह उन लोगों को मुक्त कराया।

शुक्रवार की शाम मुख्यालय पहुंचे श्रमिकों ने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर आरोपी ईंट भट्ठा मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और पांच माह की मजदूरी दिलाने की मांग की थी। इसके बाद सभी श्रमिक मुख्यालय में ही डटे रहे।
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पटेल तिराहे के पास रात भर ठहरे श्रमिकों ने शनिवार की सुबह सदर एसडीएम की गाड़ी को रोककर मामले की जानकारी दी। सदर एसडीएम रजनीश मिश्रा ने नायब तहसीलदार हर्षवर्धन को बुलाकर सभी के बयान दर्ज कराए। श्रमिकों ने कहा कि सूखे की मार झेल रहे सभी को मेहनत का पैसा मिलना चाहिए।

श्रमिकों ने यह भी बताया कि बंधुआ बनाने की जानकारी ईंट भट्ठा मालिक को होने पर उसने एक ट्रक में सबको बैठाकर मथुरा से यहां भेज दिया और कहा था कि उनकी मजदूरी दी जाएगी लेकिन मुख्यालय आते ही सबको उतारकर ट्रक चालक चला गया। किसी को मजदूरी नहीं मिली। नायब तहसीलदार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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