चित्रकूट। धर्मनगरी के दास हनुमान मंदिर गिरधर आश्रम में संत रामकिंकर की मनाई जा रही जन्म शताब्दी में संत मोरारी बापू ने कहा कि जब महाभारत का युद्ध चल रहा था। उस समय श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपना रूप दिखाया था। उस समय अर्जुन ने कहा कि था कि आप मेरी दृष्टि में सनातन दिख रहे हैं। इस लिए सभी को सनातन धर्म को जन जन तक पहुंचाने का कार्य करंे। कहा कि सभी साधुओं साधु के समान कोई सरल नहीं होता। स्वामी मैथिलीशरण भी सबल होते हुए सरल हंै। अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्य कर रहे हैं। कहा कि संत रामकिंकर हमेशा प्रभु पर विश्ववास कर कार्य करते रहे इस लिए सफल रहे। जीवन में सभी को संवेदनशील रहना चाहिए।
कार्यक्रम में महराज उत्तम स्वामी ने कहा कि सनातन धर्म के लिए संत रामकिंकर द्वारा किया गया कार्य अलौकिक है। सभी संत सनातन हिंदू धर्म के लिए काम कर रहे हंै। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सत्य परोपकार, सेवा धर्म रूपी बीज फेंकते रहना चाहिए।इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक मैथिलीशरण महाराज ने कहा कि संत की कृपा का फल भगवान जरूर देता है। रामकिंकर ने जिसका हाथ पकड़ा उसको छोड़ा नहीं। इस कार्यक्रम में आए सभी संतों को पाकर वह धन्य हो गए।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद ने सभी को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे वितरित किये। सभी संतों ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर भी दिया। संवाद
जब बोलने के लिए खुद खड़े हो गये मोरारी बापू
कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन के लिए संचालक ने नाम लिया तो संत मोरारी बापू खड़े हुए और विनम्रता से कहा कि नहीं उनके पहले मेरा संबोधन होगा ताकि संघ प्रमुख के संदेश को सभी आराम से सुन सकें। संवाद
सुरक्षा के चलते भोजन कार्यक्रम स्थगित
संघ प्रमुख समेत सभी संतों का गिरधर आश्रम में भोजन का कार्यक्रम था लेकिन सुरक्षा के चलते इसे निरस्त कर दिया गया। कार्यक्रम आयोजक संत मैथलीशरण महराज ने मंच से भी यह कहा कि संघ प्रमुख की सुरक्षा व्यवस्था के चलते भोजन कार्यक्रम स्थगित किया गया है। यह सुनकर सभी हंसने लगे। संवाद