मानिकपुर। ब्लाॅक के केकरामफी गांव में विज्ञान फाउंडेशन से संचालित युवा संसाधन केंद्र में बाल विवाह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गांव की महिलाओं और किशोरियों ने बाल विवाह रोकने की पहल का स्वागत किया। इसमें सहयोग का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के परियोजना समन्वयक विशेष कुमार त्रिपाठी व हब फाॅर वूमेन एंपावरमेंट की जेंडर स्पेशलिस्ट मीनू सिंह ने बच्चों, महिलाओं एवं किशोरियों को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शारीरिक, मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में बताया। यूनिसेफ के मंडलीय सलाहकार राजेश सैनी ने बताया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। विज्ञान फाउंडेशन के सोशल वर्कर मनीष ने बताया कि बालिकाओं को पढ़ाया जाए और 18 वर्ष के बाद ही उनकी शादी करें। संवाद
उधर, ग्राम केकरामार व ऊंचाडीह में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राकेश माथुर, यूनिसेफ सदस्य राजेश कुमार सैनी, थाना टीम, बाल कल्याण अधिकारी ने ग्रामवासियों को बताया कि बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकना अत्यंत जरूरी है। सभी कहा कि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो तुरंत स्थानीय पुलिस या हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 112, 1098, 181, 1090, 1076 पर सूचना दें। संवाद