एसडीएम कालोनी कर्वी माफी में घर के ऊपर से निकले हाईटेंशन तार की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई। घटना से गुस्साए मोहल्ले वालों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि जब तक एक्सईएन मृतका विधवा के बच्चों के लिए मुआवजे की घोषणा नहीं करते, वे शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने देंगे।
एसडीएम कालोनी कर्वी माफी में मेवालाल पटेल के मकान में मूल रूप से टिकरा निवासी सावित्री (35) दो बच्चों सूरज (6) और नीरज (4) के साथ किराए पर रहती थी। सावित्री के पति राजू की मौत हो चुकी है और वह मेहनत मजदूरी कर बच्चों का पेट पालती थी। रविवार सुबह सावित्री कमरे से पानी टपकने पर छत पर चढ़कर सीमेंट लगाने लगी। इस दौरान वह छत के ऊपर से निकले हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग उसे बचाने दौड़े। वह उसे लेकर जिला अस्पताल गए, जहां डाक्टरों ने सावित्री को मृत घोषित कर दिया।
घटना से आक्रोशित मोहल्ले वालों ने मृतका के परिजनों को सूचना दी। वहीं सूचना के बाद भी एक्सईएन राजमणि विश्वकर्मा के जिला अस्पताल न पहुंचने पर लोगों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक मृतका के बच्चों को उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, वे शव नहीं उठाने देंगे। भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष लवलेश श्रीवास्तव, विद्यासागर सिंह, तेजबली यादव आदि ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही से कई बार हादसे होते रहते हैं। महिला की जान भी इसी कारण गई है।
मूक बधिर नीरज घटना से बेखबर
महिला की मौत से उसके दो अबोध बच्चे अनाथ हो गए। मूक बधिर पुत्र नीरज मां की मौत से बेखबर है। मोहल्ले वाले इनके पालन पोषण को लेकर चिंतित हैं। बेटे सूरज ने बताया कि अरछा बरेठी में उसके नाना रहते हैं।
विभाग की गलती नहीं!
एक्सईएन राजमणि विश्वकर्मा ने बताया कि हाईटेंशन तार इस जगह से लगभग तीस साल पहले से निकले हैं। ऐसे में विभाग को दोष देना उचित नहीं है। उधर, जेई सुनील पटेल ने कहा कि मकान बनाने से पहले मालिक को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी, ताकि तार शिफ्ट किए जा सकते। विभाग की कोई गलती नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों से उनको भी हमदर्दी है पर किसी तरह के मुआवजे की संभावना नजर नहीं आती।
ट्रांसफार्मर से भी आता है करंट
युवा समाजसेवी पारितोष द्विवेदी और अन्य मोहल्ले वालों ने बताया कि एसडीएम कालोनी के पास रखे एक ट्रांसफार्मर से भी करंट आता है। कई जानवर करंट की चपेट में आ चुके हैं। इसके तार भी खुले हैं। कई बार विभागीय अधिकारियों को बताया पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।