चित्रकूट। मानिकपुर के 13 साल पुराने चर्चित राजेंद्र हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया है। हत्याकांड में पेश किए गए गवाहों ने बयान बदल दिए। साक्ष्य के अभाव में अपर सत्र न्यायाधीश अनुराग कुरील ने आरोपी छोटू कोल को दोषमुक्त कर दिया।
पुलिस के अनुसार मानिकपुर के सिकरौहा गांव में 19 मई 2013 की रात भोंडा कोल के भाई राजेंद्र उर्फ अन्ना उर्फ डीएम अपने घर के दरवाजे पर चारपाई पर पत्नी और बच्चों के साथ सो रहा था। आरोप था कि रात करीब एक बजे तीन लोग बंदूक लेकर आए और राजेंद्र को जगाकर गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
भोंडा की तहरीर पर पुलिस ने थाने में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच कर पुलिस ने आरोपी चमरौहा निवासी छोटू कोल, अशोक कोल और भोंडा कोल के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। पूर्व गिरफ्तार आरोपी दिनेश नाई और विधाता कोल का ट्रायल 2016 में ही पूरा हो चुका है। लंबे समय से फरार आरोपी छोटू गिरफ्तार हुआ और 23 दिसंबर 2021 से जेल में बंद था।
ट्रायल के दौरान अभियोजन ने सात गवाह पेश किए। चश्मदीद बताई गई छोटी देवी और उसका बेटा संतोष अपने बयान से मुकर गए। छोटी ने कहा कि अंधेरे में हमलावरों को नहीं पहचान सकी। तहरीर लेखक खुदीराम और पंचनामा गवाह राजमन भी घटना के प्रत्यक्षदर्शी नहीं निकले। अदालत ने आरोपी छोटू कोल को हत्या और आपराधिक साजिश से दोषमुक्त करते हुए रिहाई का आदेश दिया।