वित्त एवं लेखाधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोले टीचरों जल्द ही वेतन मिलने का आश्वासन मिला है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार पांडे ने बताया कि सहायक टीचरों के पद पर समायोजित शिक्षामित्रों को पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर आर्थिक संकट है।
सचिव के आदेश पर बीएसए ने आदेश भी जारी किया पर तीन हफ्ते बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षक नेता का आरोप है कि इसके पीछे वित्त एवं लेखाधिकारी का ढीला-ढाला रवैया है।
टीचरों ने इस बात पर आक्रोश जताते हुए 30 दिसंबर से लेखाधिकारी कार्यालय के समक्ष संघ की अगुवाई में क्रमिक अनशन करने की धमकी भी दी थी।
अखिलेश ने बताया कि इसके बाद उनकी वित्त एवं लेखाधिकारी से वार्ता हुई है और इसमें उन्होंने जल्द से जल्द वेतन जारी कराने का आश्वासन दिया है।
वित्त एवं लेखाधिकारी ने अपने आदेश में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वे ऐसे शिक्षामित्रों, जिनका समायोजन होने और कार्यभार ग्रहण करने के बाद, अभिलेखों का सत्यापन हो चुका है।