चित्रकूट। करीब आठ साल पहले पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया था और उसके शव को घर में ही गड्ढा खोदकर दफन कर दिया था। मंगलवार को इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने इस घटना में पत्नी व प्रेमी को दोषी करार दिया और दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 14-14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पहाड़ी थाना क्षेत्र के लोहदा निवासी मूलचंद्र विश्वकर्मा ने सात जुलाई 2018 को पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी भाभी माया देवी ने अपने प्रेमी टुल्लू लोध के साथ मिलकर उसके बड़े भाई शिवलोचन विश्वकर्मा की रस्सी से गला घोंट कर हत्या की और शव को अपने ही घर में गड्ढा खोद कर दफना दिया है। इस पर पुलिस ने उसकी भाभी व उसके प्रेमी टुल्लू के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
विवेचना करते हुए तत्कालीन निरीक्षक उदयवीर सिंह ने दोनों को 15 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से दोनों को जेल भेजा गया था। इसके बाद विवेचक ने 10 अक्तूबर को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में वादी व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/स्पेशल एनडीपीएस एक्ट राहुल मिश्रा ने दोषी करार दिया था। इस पर मंगलवार को माया व टुल्लू को सजा सुनाई।
आयुध अधिनियम के दोषी को जुर्माना
चित्रकूट। आयुध अधिनियम के दोषी को जेएम द्वितीय ने जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई और तीन सौ रुपये का जुर्माना लगाया।
सहायक अभियोजन अधिकारी आकाश साहू ने बताया कि मानिकपुर थाना में दर्ज आयुध अधिनियम के प्राथमिकी दर्ज की सुनवाई करते हुए जेएम द्वितीय अभिनव कुमार दुबे ने सकरौंहा निवासी छोटा उर्फ छोटू को दोषी पाया था। इस पर मंगलवार को सजा सुनाई है।