फोटो 24 सीकेटीपी 38 - खंडेहा गांव में मेधावी श्रुति देवी को मिठाई खिलाते परिजन। संवाद
- फोटो : विद्यालय में सचिन शुक्ला को मिठाई खिलाते प्रबंधक व अन्य।
चित्रकूट। एक समय था जब चित्रकूट जिले के कुछ ग्रामीण क्षेत्र बदमाशों और डाकुओं की मौजूदगी के कारण भय और असुरक्षा के साये में जीते थे। शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता था और लोग घरों में दुबक जाते थे। ऐसे माहौल में छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा प्राप्त करना एक दुष्कर कार्य था। शिक्षकों का स्कूलों में जाना भी सुरक्षित नहीं था, कई बार तो उनका अपहरण भी हो जाता था लेकिन आज स्थिति काफी बदल गई है। जिन गांवों में कभी अपराध का बोलबाला था, उन्हीं गांवों की बेटियां यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में शानदार अंक लाकर अपने माता-पिता और गांव का नाम रोशन कर रही हैं।
पाठा क्षेत्र का सपहा रूकमा बुजुर्ग गांव कभी डाकुओं, बलखड़िया और रागिया जैसे गैंगों का अड्डा था। इस गांव में छात्रा एकता ने हाईस्कूल की परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में टॉप किया है। यह एक ऐसे क्षेत्र के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि है, जहां कुछ वर्ष पहले तक शिक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल था। इसी तरह, मऊ क्षेत्र के खंडेहा गांव की छात्रा श्रुति देवी ने भी जिले की मेरिट लिस्ट में अपनी जगह बनाई है।
फोटो 24 सीकेटीपी 38 - खंडेहा गांव में मेधावी श्रुति देवी को मिठाई खिलाते परिजन। संवाद- फोटो : विद्यालय में सचिन शुक्ला को मिठाई खिलाते प्रबंधक व अन्य।