चित्रकूट। बरगढ़ में कपड़ा व्यापारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या से पूरा बरगढ़ सदमे में है। घटना से लोगों में आक्रोश है। शनिवार को अंतिम संस्कार के लिए जब आयुष की अर्थी घर से उठी तो पूरा कस्बा गमगीन हो गया। हर आंख नम थी और चेहरे पीड़ा से भरे नजर आए। वहीं उसकी मां बार-बार सिर पीटकर यही चीखती रही कि आखिर मेरे लाल ने किसी का क्या बिगाड़ा था जो उसे ऐसी मौत दी।
इस हृदय विदारक घटना के विरोध और मृतक बच्चे के प्रति संवेदना जताने के लिए बरगढ़ के व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। आम दिनों में चहल-पहल से गुलजार रहने वाला बरगढ़ शोक में डूबा नजर आया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन, परिचित, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग मौजूद रहे। बच्चे के शव को देखकर लोगों का कलेजा फट जा रहा था।
मां आरती अपने बेटे को इस हाल में देखकर बेसुध हो गईं, परिवार की महिलाएं पानी के छींटे मारकर उन्हें होश में लातीं तो वह बार-बार यही चीखतीं कि आखिर मेरे लाल...। वहीं पिता अशोक खुद को मजबूत दिखाने की नाकाम कोशिश कर रहे थे लेकिन वे भी अपने आप को संभाल नहीं पा रहे थे। परिजनों को संभालना मुश्किल हो रहा था। घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश भी देखने को मिला।
लोगों ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और कहा कि मासूम की हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। हर कोई इस सवाल से व्यथित नजर आया कि आखिर एक निर्दोष बच्चे के साथ इतनी क्रूरता कैसे की जा सकती है। शुक्रवार की रात से ही बरगढ़ में शोक का माहौल बना रहा। लोग व्यापारी के घर जाकर संवेदना जताते रहे। इस दुखद घड़ी में मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।