चित्रकूट। बरगढ़ कस्बा में आयुष केसरवानी (13) का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान व्यापारियों ने दुकान के सामने शव रखकर नारेबाजी करते हुए अंतिम संस्कार रोकने का भी प्रयास किया लेकिन पुलिस के समझाने पर मान गए। पुलिस बल की मौजूदगी में आयुष का अंतिम संस्कार हुआ।
सुबह करीब 10 बजे परिजन व्यापारियों के साथ घर से शव लेकर बाजार होकर श्मशान घाट के लिए निकले। परिजनों ने बाजार स्थित अपनी दुकान के सामने शव रख दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। व्यापारियों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी मुख्यमंत्री की ओर से शोक संवेदना तक व्यक्त नहीं की गई। साथ ही कोई जनप्रतिनिधि मौके तक नहीं पहुंचा है। इस बात से व्यापारियों में काफी नाराजगी रही।
व्यापारियों की मांग रही कि मुख्य आरोपी इरफान के भाई नौशाद के बरगढ़ स्थित घर में बुलडोजर चलाया जाए। इसकी जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे एएसपी ने व्यापारियों को कार्रवाई का भरोसा दिया। तब जाकर व्यापारी अंतिम संस्कार के लिए माने। फिर करीब 12 बजे पिता अशोक ने बेटे को मुखाग्नि दी।
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एसपी ने पुलिस बल के साथ कस्बे में की पैदल गश्त
चित्रकूट। एसपी अरुण कुमार सिंह ने शनिवार को बरगढ़ कस्बा में एसडीएम आरआर रमन, सीओ फहद अली, पीएसी व भारी पुलिस बल के साथ पीड़ित के घर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। बाद में उन्होंने कस्बा स्थित बाजार का भ्रमण कर व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
एसपी ने कहा कि किसी भी व्यापारी को डरने की जरूरत नहीं है। जांच निष्पक्ष तरीके से हो रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस पर कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि मामले में जो भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की गलत हरकत या उकसाने का प्रयास करेगा, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। राजनीति के चक्कर में किसी के साथ हुई घटना की आग में रोटियां न सेकें। अन्यथा उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने लोगों से अपील की है कि घटना हुई है, परिवार के प्रति संवेदना रखें लेकिन किसी को भड़काने का प्रयास न करें।
फोटो-24 सीकेटीपी 12 आक्रोशित भीड़ द्वारा लगाई आग में जलता इकट्ठा सामान। संवाद
फोटो-24 सीकेटीपी 12 आक्रोशित भीड़ द्वारा लगाई आग में जलता इकट्ठा सामान। संवाद
फोटो-24 सीकेटीपी 12 आक्रोशित भीड़ द्वारा लगाई आग में जलता इकट्ठा सामान। संवाद