खोही(चित्रकूट)। पद्म विभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने श्रीराम कथा के दूसरे दिन बुधवार को बताया कि राम जी के प्रसाद से चित्रकूट पर्वत भी कामद हो गया। यहां के लोगों के सत्कार व पूजन से प्रसन्न होकर भगवान राम ही पहाड़ रूपी कामदगिरी बन गए।
बताया कि सन् 2017 व 2019 में प्रथम मुखारविंद से जल की धारा निकली थी, जिसके दर्शन करने का मुझे अद्भुत संयोग मिला था। यहां पर पांच सालिग्राम स्थापित हैं, तीन बाहर निकलते हैं और दो मुख में ही निवास करते हैं। जो भगवान की परिक्रमा करता है, उसे एक बार भगवान के दर्शन अवश्य होते हैं। भक्त उन्हें देख सकते हैं, भगवान श्रीराम के दर्शन से ही कल्याण होगा।
कथा के दौरान यूपी के कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह जैकी ने कहा कि चित्रकूट धाम में भगवान कामदनाथ और जगद्गुरु के दर्शन हो रहे हैं। इनके कारण ही विश्व भर में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय की दुनिया भर में पहचान है।
जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने कहा कि भगवान श्रीराम के छोटे भाई लखन लाल त्याग और समर्पण की मूर्ति हैं। चित्रकूट भगवान की लीला की साक्षात भूमि है। यहां कण-कण में भगवान राम जी बसते हैं। कथा के मुख्य यजमान नीलेश मोहता, प्रीति मोहता, विवि के कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे मौजूद रहे। बृहस्पतिवार को भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी व बुंदेलखंड के लोकप्रिय भजन गायक पवन तिवारी उपस्थित रहेंगे।