मऊ(चित्रकूट)। ब्लॉक मऊ के बोझ गांव और उससे जुड़े 14 मजरों की करीब 5,500 की आबादी एक हफ्ते से पेयजल संकट झेल रही है। घरों में नल सूखे पड़े हैं।
ॉसुबह होते ही लोग बाल्टी व बर्तन लेकर हैंडपंपों पर पहुंच जाते हैं। यहां घंटों कतार में खड़े रहने के बाद कहीं जाकर पानी मिल पाता है।
पानी की किल्लत का असर अब रोजमर्रा के कामों पर भी पड़ने लगा है। त्योहार नजदीक होने से घरों में साफ-सफाई समेत दूसरे काम होने हैं, लेकिन पानी की व्यवस्था करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। वहीं, जिन लोगों के घरों में निर्माण कार्य चल रहा है, उनका काम भी पानी न मिलने से अटक गया है।
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बोले लोग-पानी के बिना काम रुके
कच्चे घर की जगह नया मकान बनवा रहे हैं, लेकिन एक सप्ताह से पानी नहीं आने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है।
-पृथ्वी पाल कोल
त्योहार नजदीक हैं। घर में साफ-सफाई समेत कई काम करने हैं, लेकिन पानी की चिंता बनी हुई है। घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा।- कन्हैया केसरवानी
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14 मजरों के साथ 39 गांवों में भी परेशानी
बोझ गांव के अलावा महरजा, श्रीराम डेरा, सुंदरनगर, आजाद नगर, महावीर का पुरवा, अरवारी मोड़, गनेशदीन का पुरवा और हथकड़िया समेत 14 मजरों में पेयजल संकट बना हुआ है। इसके अलावा बरगढ़, जमिरा, सेमरा और छिवलहा समेत करीब 39 गांवों में भी लोग पानी की समस्या से परेशान हैं।
वर्जन
मोटर खराब होने से सप्लाई बाधित
मोटर में खराबी आने के कारण पानी की सप्लाई बाधित हुई है। मोटर ठीक कराने का काम कराया जा रहा है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।- अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण।
23 सीकेटीपी-13- पेयजल को लेकर हैंडपंप के पास खड़े ग्रामीण। संवाद
23 सीकेटीपी-13- पेयजल को लेकर हैंडपंप के पास खड़े ग्रामीण। संवाद