चित्रकूट। विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान बूथों पर एजेंट को वैक्सीन लग जाने का प्रमाण पत्र देना होगा। ऐसे में सभी दल के नेताओं व पदाधिकारियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। दूसरी ओर प्रशासनिक अमला कोरोना गाइड लाइन का पालन शत-प्रतिशत कराने के लिए कमर कसे है।
जिले में हर दिन कोरोना संक्रमण के मामले मिल रहे हैं। विधानसभा चुनाव की डुगडुगी बज जाने के बाद अब इससे प्रशासन व राजनीतिक दल दोनों को जूझना पड़ेगा। चुनाव संपन्न कराने के लिए कर्मचारियों का कई बार प्रशिक्षण होगा। कार्यशाला लगाई जाएगी। इसमें छोटी सी गलती गंभीर परिणाम की ओर धकेल सकती है। किसी भी कोरोना मरीज की उपस्थिति यहां अन्य कर्मचारियों के लिए घातक हो सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने बताया कि पोलिंग बूथों में जो मतदान एजेंट बनाए जाएंगे उनको कोविड-19 की दोनाें वैक्सीन लगाना अनिवार्य किया गया है। ऐसा न होने पर उनको मतदान केेंद्र के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। दस मार्च को मतगणना स्थल पर भी ऐसा ही होगा। एक साल पहले प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव के दौरान भी कोरोना वायरस के कारण चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी सहित उसके एजेंट व पदाधिकारियों को कई परेशानी झेलनी पड़ी थी। मतगणना के लिए कोरोना टेस्ट प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया था। इसके लिए एजेंटों की लंबी लाइनें लगती थीं। टेस्ट के दौरान कई कोरोना मरीज भी मिले थे, जिससे उनके स्थान पर दूसरे को ड्यूटी पर लगाया गया।