राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद जारी नए राशन कार्ड की सूची में तमाम खामियां हैं। कहीं किसी की जाति बदली है तो किसी को अंत्योदय सूची से सामान्य कर दिया गया है। इसी तरह कई लोगों को बीपीएल से एपीएल सूची में डाल दिया गया है। इसके विरोध में मंगलवार को डिलौरा, कर्वी माफी व शोभा सिंह का पुरवा सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। एसडीएम कार्यालय के सामने नारेबाजी-प्रदर्शन करते हुए हाइवे पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर किसी तरह जाम खुलवाया।
गांव डिलौरा, कर्वी माफी व शोभा सिंह का पुरवा के ग्रामीण मंगलवार को जिलापूर्ति कार्यालय पहुंचे और नई सूची में नाम गायब होने की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि अंत्योदय व बीपीएल सूची से उनका नाम हटा दिया गया है। इस पर वहां मौजूद कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने को कहा। इससे नाराज ग्रामीण एसडीएम कार्यालय के सामने खडे़ होकर नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी-प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण हाइवे तक पहुंच गए और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। हाइवे पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने से करीब दस मिनट में ही यातायात व्यवस्था खराब हो गई। सूचना पाकर कोतवाल रनवीर सिंह पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाकर हाइवे से हटने को कहा, मगर प्रदर्शनकारी डटे रहे।
उनका आरोप है कि यह सब कोटेदार की साजिश से हुआ है। ग्रामीणों ने मांग किया कि नई सूची बनाई जाए। जानकारी होने पर डीएसओ सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और सभी से नया आवेदन जमा कराने को कहा तब जाकर ग्रामीण हाइवे से हटे।
राशन कार्ड की नई सूची में नाम न होने की शिकायत लेकर आए ग्रामीण शांत होकर अपनी शिकायत कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी बीच कुछ महिलाओं ने एसडीएम के अर्दली से कहा कि उन्हें साहब से मिलना है। जवाब में उसने सबको भाग जाने को कहा। जिससे गुस्साई महिलाएं अर्दली को पकड़ने के लिए दौड़ पड़ी, लेकिन भागकर उसने खुद को सुरक्षित कर लिया।
रैपुरवा माफी के बालेश्वर, तिलक सिंह, प्रेम व कामता प्रसाद आदि ने डीएम को ज्ञापन देकर आरोप लगाया हैं कि गांव में कार्ड धारकों को कार्ड देने में कर्मचारियों ने धन उगाही की है। कार्ड के लिए ली गई धनराशि को सरकारी शुल्क बताया गया। जबकि वितरण नि:शुल्क होना है।
ग्रामीणों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। उधर सुदिनपुर गांव के राजेंद्र, गोविंद, रामनरेश, मइयादीन व दीपक आदि ने एसडीएम को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि नई सूची में उनके नाम गायब कर दिए गए हैं।