शिवरामपुर स्थित भंभई गांव के पास शनिवार सुबह रेलवे ट्रैक पार कर रहा बालक पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना से गुस्साए परिजनों ने ग्रामीणों के साथ रेलवे ट्रैक पर पत्थर डालकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एएसपी, तहसीलदार, सीओ सिटी ने किसी तरह ग्रामीणों को समझाया। तब कही जाकर दो घंटे बाद आवागमन सुचारु हुआ। शिवरामपुर चौकी प्रभारी संतशरण सिंह ने बताया कि रेलवे ट्रैक बाधित करने के मामले में अज्ञात पचास लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शनिवार सुबह लगभग 11 बजे भंभई निवासी विपुल कुशवाहा का बारह वर्षीय पुत्र जानकीशरण गांव जाने के लिए रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। इस दौरान वह झांसी से आ रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना का पता लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों के साथ रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। ग्रामीणों ने ट्रैक पर पत्थर और अन्य सामान डाल दिया। इससे दोनों ओर से ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया।
ग्रामीणों ने मांग की कि रेलवे द्वारा भूमिगत पथ बनाने में लापरवाही की जा रही है। दो साल से कार्य अधूरा पड़ा है। इसके चलते लोगाें को ट्रैक पार कर जाना पड़ता है और हादसे होते हैं। रेलवे ट्रैक जाम होने की सूचना पर अपर एसपी आरडी चौरसिया, तहसीलदार अशोक कुमार, सीओ सिटी श्रीपाल यादव के अलावा शिवरामपुर, पहाड़ी, सीतापुर और भरतकूप की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने रेलवे अधिकारियों से बात कर जल्द कार्य पूरा कराने की बात कही। ग्रामीणों को भी आश्वासन दिया, लगभग दो घंटे बाद जाम खुला। शिवरामपुर चौकी प्रभारी संतशरण सिंह ने बताया कि रेलवे ट्रैक बाधित करने के आरोप में लगभग पचास अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं पोस्टमार्टम हाउस में बालक की बहन माया देवी और अन्य परिजन रो-रोकर बेहाल थे। गुलाबी गैंग कमांडर संपत पाल ने उन्हें सांत्वना दी।