चित्रकूट। तीसरे चरण के मतदान के
लिए प्रशासन ने यात्रियों को ढोने वाले ज्यादातर वाहनों को पकड़ लिया था।
इसका प्रभाव शनिवार को सड़कों पर देखने को मिला।
खासकर ग्रामीण क्षेत्र के
लोग दस-दस किमी पैदल चलने को मजबूर थे। पंजाब और सूरत में रहने वाले लोग
उत्साहपूर्वक मतदान करने मुख्यालय तक तो आ गए, लेकिन गांव तक पहुंचने के
लिए वाहन न मिलने से भटकते रहे।
मुख्यालय के चित्रकूट इंटर कालेज परिसर
में सदर ब्लाक क्षेत्र में प्रधान व सदस्य पद के लिए मतदान कराने को
प्रशासन ने शुक्रवार को ही पर्याप्त वाहन जुटाने के लिए यात्रियों को ढोने
वाले वाहनों को भी खड़ा करा लिया गया था। इन्हीं वाहनों से पोलिंग
पार्टियां रवाना हुई।
इस कारण शनिवार को वाहन न मिलने से यात्री को परेशानी
का सामना करना पड़ा। सूरत के रामकुमार व संगीता देवी ने बताया कि वह
भसौंधा के निवासी हैं।
शनिवार को मतदान करने के लिए सुबह कर्वी रेलवे
स्टेशन उतरे लेकिन गांव तक जाने का साधन न मिलने से दोपहर तक भटकते रहे।
शिवरामपुर से पैदल ही भसौंधा तक जाना पडा। इसी प्रकार पंजाब से आए
शिवकुमार व उसके दोस्त संजय निवासी खुटहा ने बताया कि वह भी शिवरामपुर से
गांव तक पैदल ही पहुंचे।