चित्रकूट। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू करने से पहले नाइट ब्लड सर्वे प्रारंभ हो गया है, जो 30 अप्रैल तक चलेगा। इसमें जिले के कुल छह गांवों और शहरी क्षेत्र कर्वी के दो वार्ड का चयन हुआ है। इन सभी गांवों व वार्डों में नाइट ब्लड सर्वे के लिए टीम गठित की गई है। प्रत्येक टीम में लैब टेक्नीशियन सहित चार स्वास्थ्य कर्मी हैं। इन गांवों और वार्डों में रक्त पट्टिका स्लाइड रात 8 से 12 बजे तक तैयार होगी।
नोडल अधिकारी डा. इम्तियाज अहमद ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान एमडीए शुरू होने से पहले नाइट ब्लड सर्वे शुरू किया गया है। चयनित प्रत्येक साइट पर पांच सौ रक्त पट्टिकाएं बनेगी। इस तरह कुल चार हजार तैयार होगी। जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे के दौरान तीन गांवों और शहरी क्षेत्र कर्वी के एक वार्ड में रेंडम तथा तीन गांवों और शहरी क्षेत्र कर्वी के एक वार्ड में सेंटीनल स्थल पर रक्त पट्टिका तैयार की जानी है। मलेरिया इंस्पेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि कर्वी ब्लाक सीएचसी शिवरामपुर के ग्राम पंचायत गोबरिया, पहाड़ी ब्लाक के ग्राम पंचायत सीकरी सालिस, मऊ ब्लाक के सुरौंधा के साथ शहरी क्षेत्र कर्वी के बल्दाऊगंज वार्ड से सेंटीनल
निर्धारित स्थान स्थल से रक्त पट्टिका ली जाएगी। सीएचसी के ग्राम पंचायत पथरौड़ी, पहाड़ी ब्लाक के ग्राम पंचायत प्रसिद्वपुर और मऊ ब्लाक के सिकरौं के साथ शहरी क्षेत्र कर्वी के लक्ष्मणपुरी वार्ड से रेंडम स्लाइड तैयार की जाएगी।
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क्या है नाइट ब्लड सर्वे
फाइलेरिया के संभावित मरीजों के ब्लड का सैंपल रात 8 से 11 बजे के बीच लिया जाएगा। माना जाता है कि ऐसे मरीजों के लेटे होने की स्थिति में घर जाकर स्वास्थ्य कर्मी यह सैंपल लेंगे। इसलिए इसे नाइट ब्लड सर्वे कहते हैं। रक्त पटिटकाएं बनाने का मतलब यह है कि जब सर्वे के दौरान रक्त का नमूना लिया जाएगा, उसकी स्लाईड (रक्त पट्टिका) बनेगी। इन सबकी रिपोर्ट 30 अप्रैल तक जांच के बाद आएगी।