चित्रकूट। शासन ने मैनुअल फिटनेस जांच व्यवस्था बंद कर नई ऑटोमेटिक फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है। इस नई व्यवस्था ने जिले के वाहन मालिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में अब यहां के 15 हजार वाहन स्वामियों को फिटनेस जांच के लिए 100 किमी से अधिक दूर दूसरे जिलों का रुख करना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आने-जाने में अतिरिक्त खर्च भी वहन करना पड़ रहा है।
जनपद के वाहन स्वामियों के लिए सबसे नजदीकी ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर फतेहपुर और मध्यप्रदेश के सतना में है। ऐसे में चित्रकूट के वाहन मालिकों को करीब 100 किमी दूर तक दौड़ लगानी पड़ेगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में करीब 1.14 लाख पंजीकृत वाहन हैं। इसमें फिलहाल लगभग 15 हजार वाहनों की फिटनेस लंबित है। इन सभी वाहन स्वामियों को अब दूसरे जिलों में जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
यदि किसी कारण से स्लॉट बुक कराने के बाद वाहन स्वामी तय दिन पर केंद्र नहीं पहुंच पाते हैं, तो उन्हें पूरी प्रक्रिया दोबारा अपनानी पड़ेगी। वाहन स्वामियों का कहना है कि नई व्यवस्था से परेशानी और बढ़ गई है। एक तो पहले से ही ईंधन के दाम ऊंचे हैं, ऊपर से फिटनेस के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। दिनभर का समय और अतिरिक्त खर्च अलग से झेलना होगा।
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बुंदेलखंड यूनाइटेड स्कूल एसोसिएशन पदाधिकारी ने सौंपा ज्ञापन
वाहनों के फिटनेस के लिए लंबी दूरी तय किए जाने को लेकर सोमवार को बुंदेलखंड यूनाइटेड स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने स्कूली वाहनों की लंबी दूरी तय कर फिटनेस को लेकर चिंता जाहिर की और जिले में व्यवस्था करने की मांग की। इस मौके पर स्वप्निल अग्रवाल, मिन्हाज आलम, सुनील सिंह, रचित अग्रवाल, हादर बास्टिन सहित तमाम स्कूल संचालक मौजूद रहे।
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बोले जिम्मेदार
शासनादेश के अनुसार वाहनों के फिटनेस के लिए फतेहपुर या सतना के कार्यालय में जाना होगा। इसके साथ वाहन स्वामियों की मांग को सुना गया है। इसके लिए पत्र भी लिखा जाएगा। फिलहाल जो निर्देश है, उसे पालन करना होगा। -राम प्रकाश सिंह, एआरटीओ,