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UP Election 2022 : आस्था की नगरी चित्रकूट का क्या है सियासी गणित? ग्राफिक्स के जरिए समझिए यहां की पूरी राजनीति

Wed, 22 Dec 2021 11:56 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

धर्म और आस्था की नगरी चित्रकूट में वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण सबसे ज्यादा समय तक रहे। यहां आज भी रामचरितमानस की मूल प्रति रखी हुई है। मान्यता है कि इसी स्थान पर ऋषि अत्रि और सती अनसुइया ने ध्यान लगाया था और यहीं पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने सती अनसुइया के घर जन्म लिया था।
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चित्रकूट, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित चित्रकूट की भूमिका आजादी की लड़ाई में भी सर्वोच्च रही है। इतिहासकारों की मानें तो प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन शुरू होने से भी 15 साल पहले यहां क्रांतिकारियों ने आजादी का बिगूल फूंक दिया था। कहा जाता है कि तब मंदाकिनी नदी के किनारे गोहत्या के खिलाफ हिंदू, मुस्लिम एकजुट हो गए थे। यहां मऊ तहसील में क्रांतिकारियों ने अदालत लगाकर पांच ब्रिटिश अफसरों को फांसी के फंदे पर लटका दिया था।
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राजनीतिक रूप से भी चित्रकूट समृद्ध है। यहां दो विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट और मानिकपुर हैं। 2017 में दोनों सीट भाजपा ने जीती थी। चित्रकूट से चंद्रिका प्रसाद और मानिकपुर से आरके सिंह पटेल विधायक बने थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में आरके सिंह पटेल सांसद चुन लिए गए थे। इसके बाद यहां हुए उपचुनाव में मानिकपुर से भाजपा के आनंद शुक्ला ने जीत हासिल की। ग्राफिक्स के जरिए समझिए इन दोनों सीटों का सियासी गणित... 
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