चित्रकूट-खोही। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में मंदाकिनी नदी पुनर्जीवन एवं पौध रोपण के संबन्ध में शुक्रवार को बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें चित्रकूट व सतना जनपद के अधिकारियों ने मिलकर मंदाकिनी नदी व कामदगिरि को साफ-स्वच्छ रखने की योजना बनाई।
बैठक में मंडलायुक्त रीवा बीएस जावेद ने कहा कि मंदाकिनी नदी व कामदगिरि मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश दोनों के जनपदों की पहचान है। ऐसे में मंदाकिनी नदी व कामदगिरि को उनके प्राकृतिक रूप में रखने के लिए वैज्ञानिक रूप से विचार-विमर्श करने की जरूरत है। कहा कि मंदाकिनी नदी में गिरने वालें नालों को रोकने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करें।
चित्रकूट जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि मंदाकिनी नदी के किनारे एक लाख 60 हजार पौधे रोपित किए जाएंगे। जिसके तहत सभी विभागों को लक्ष्य दे दिया गया है। बताया कि अब तक लगभग 60 हजार पौधे रोपित करने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। बताया कि पिछले वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में 35 ग्राम वन बनाए गए थे। इस वर्ष 29 ग्राम वन बनाए जाएंगे। किसानों को फलदार पौधों का वितरण किया जा रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी सतना ने बताया कि सतना जनपद के तहत नदी के किनारे 2 लाख 75 हजार पौधे रोपित किए जाएंगे।
इनसेट
सफाई के लिए करें जागरूक
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कर्वी लालजी यादव ने बताया कि नगर पालिका के अंतर्गत 10 नाले पड़ते हैं, सभी पर जाली लगाई गई है। साथ ही कुछ नालों की टैपिंग भी की कराई गई है। मंडलायुक्त ने कहा कि मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित जिन होटलों का सीवेज नदी में जाता है, उनसे भी वार्ता करते हुए संबंधित विभाग कार्य योजना बनाकर कार्य करें। कहा कि मंदाकिनी के सफाई के लिए सभी को जागरूक करने की आवश्यकता है। इस प्रोजेक्ट को ऊंचाई पर ले जाने के लिए दोनों प्रदेशों को मिलकर कार्य करना होगा। जिलाधिकारी सतना ने सतीश कुमार एस ने कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार संबंधित विभाग अपनी कार्य योजना बनाकर जल्द से जल्द बैठक करते हुए सभी कार्य बेहतर ढ़ंग से कर सकेंगे।