एक सप्ताह बाद फिर मंदाकिनी उफान पर हैं। जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए। इसका सबसे अधिक प्रभाव रामघाट और नदी किनारे रहने वाले लोगों पर पड़ा है। इस बार मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से ज्यादा नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन तीन दर्जन दुकानों में पानी भर गया है। रामघाट की ओर जाने से तीर्थयात्रियों को रोका गया है।
धर्मनगरी में मंदाकिनी का जलस्तर गुरुवार अचानक तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते पानी रामघाट की सीढ़ियों तक पहुंच गया। इसके बाद पानी दुकानों की ओर बढ़ा तो लोग परेशान हो गए। दुकान खोलने आए दुकानदार जलस्तर बढ़ता देख दुकान में रखी सामग्री लेकर सुरक्षित स्थान पर गए। रामघाट के आसपास मंदिर व लॉज में ठहरे तीर्थयात्रियों को भी नाव से सुरक्षित निकाला गया।
रामघाट पहुंचने के सभी मार्गों पर पुलिस तैनात है। नदी की ओर जाने वालों को रोका जा रहा है। वहीं रामघाट की करीब तीन दर्जन दुकानों में पानी भर गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार छह जुलाई को भी अचानक सुबह ही मंदाकिनी में उफान आया था। इस बार भी सुबह ही जलस्तर बढ़ा है। जिससे दुकानदारों को सामान हटाने का मौका मिला। पिछली बार की तुलना में इस बार लगभग डेढ़ मीटर पानी कम है।
अचानक जलस्तर बढ़ने से दुकानदारों का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन एक नाव और एक टेंपो बह गई। नाव तो किसी तरह नाविकों ने पकड़ ली, लेकिन टेंपो लगभग दो मीटर दूर जाकर पेड़ में फंसकर रुकी। यह टेंपो प्रमोदवन निवासी रामलाल की है, जो नदी में धोने लाया था।