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Chitrakoot News: दो साल बाद पता चला कि आरोपी की मौत हो गई

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अदालत ने नौ साल पुराने मामले में दी राहत
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संवाद न्यूज एजेंसी



चित्रकूट। करीब नौ वर्ष पुराने एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिनव कुमार दुबे की अदालत ने आरोपी के खिलाफ दायर वाद को खत्म कर दिया है। पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी का वारंट तामील कराने भेजा, जहां दो साल पहले उसकी मौत होने की जानकारी हुई। पर उसकी दो साल पहले मौत होने का पता चला।



रैपुरा थाना क्षेत्र के बरेठी गांव में वर्ष 2008 में शांति भंग व धमकाने के आरोप में लखन, पप्पू, मुन्ना, रमजान, सीता व सुकाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने रमजान, सीता और सुकाई पर कार्रवाई करते हुए 13 फरवरी 2009 को फाइल अलग कर दी थी। आरोपी पप्पू व मुन्ना पर 16 जून 2025 को आरोप तय किए गए थे। आरोपी लखन पर जानमाल की धमकी के आरोप थे। अदालत ने 24 जून 2026 को आरोपी के खिलाफ नोटिस जारी किया था।
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हनुमानगंज चौकी प्रभारी नोटिस तामील कराने आरोपी के घर गए तो पता चला कि उसकी दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। परिजन ने प्रधान अयोध्या पाल द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाया। इसके बाद पुलिस आरोपी लखन का मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर वापस लौट आई और उसे अदालत में पेश किया। (संवाद)



गांजा तस्करी में जेल में बिताई अवधि की सजा व जुर्माना



चित्रकूट। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस अधिनियम राहुल मिश्रा ने आरोपी लवलेश कुमार सिंह को एक किलो 200 ग्राम गांजा परिवहन के आरोप में दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे जेल में बिताई गई अवधि के कारावास की सजा दी। उस पर 1200 रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड का भुगतान न करने पर चार दिन का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। यह मामला भरतकूप थाना क्षेत्र का है,। बीते 24 दिसंबर 2021 को पुलिस ने आरोपी लवलेश कुमार सिंह को रेलवे क्रॉसिंग के पास खेतों से पकड़ा था।(संवाद)
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झूठी शिकायत पर प्राथमिकी की याचिका खारिज



चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम सृष्टि शुक्ला ने मुस्तफा की याचिका खारिज कर दी है। मुस्तफा ने शरीफ, रमजान और हसनैन पर झूठी शिकायत दर्ज कराने के आरोप में प्राथमिकी की मांग की थी। मुस्तफा ने दावा किया था कि 25 मई 2026 को इन लोगों ने उसके खिलाफ पुलिस अधीक्षक से झूठी शिकायत की। उसने अपनी उपस्थिति के प्रमाण के तौर पर फोटो और वीडियो भी पेश किए। सुनवाई में न्यायालय ने पाया कि आवेदक के पास घटना के साक्ष्य नहीं है। न्यायालय ने प्राथमिकी की याचिका खारिज कर दी। (संवाद)
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