चित्रकूट। महाकुंभ का प्रमुख स्नान न होने के बाद भी धर्मनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हो रही है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों से दिन-रात जाम की स्थिति है। सीमा से हर घंटे दो हजार वाहन प्रयागराज आ-जा रहे हैं।
रेलवे स्टेशन से प्रयागराज जाने आने वाली ट्रेनों का भी कोई समय नहीं निश्चित नहीं है। सुबह वाली रात में और रात वाली ट्रेन अगले दिन दोपहर में आ जा रही हैं। शायद ही कोई ट्रेन बची हो जो समय से स्टेशन पहुंची हो। बसों में तो चढ़ने के लिए यात्रियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। झांसी मिर्जापुर हाईवे पर वाहन रेंग रहे हैं। मऊ, राजापुर, बरगढ़, शिवरामपुर व भरतकूप में वाहनों की संख्या बढ़ने पर दो घंटे के लिए आवागमन रोकना पड़ा। मंगलवार को 40 हजार तो बुधवार को 48 से 50 हजार वाहनों का आवागमन जिले से हुआ।
प्रदेश सहित गैर राज्यों से आने वाले वाहनों की वजह से जनपद में जाम अछूता नहीं है। दिन हो या रात हर समय लोगों को भौंरी से कर्वी बेडीपुलिया 15 किमी, शिवरामपुर से भरतकूप 8 किमी का जाम हर एक घंटे में लग रहा है। जाम में फंसने का डर लगा रहता है। शहर के प्रमुख चौराहा पुरानी कोतवाली, बस स्टैंड, धनुष चौराहा, पटेल चौक, चकरेही चौराहा, गल्ला मंडी तिराहा पर रात दिन जाम लग जाता है। प्रयागराज से चित्रकूट आये गौरांश अग्रवाल ने बताया कि रोडवेज बस से दोपहर 12 बजे चले तो शाम सात बजे चित्रकूट आये। सीतापुर से राजस्थान की सुमित्रा ने बताया कि उनकी कार को कर्वी आने में ही चार किमी का सफर एक घंटे लगा। प्रयागराज आठ घंटे में पंहुचे।
बुंदेलखंड सहित 12 ट्रेनें समय की पटरी से उतरी
चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन में आने जाने वाली दादर से गोरखपुर जाने वाली गोरखपुर स्पेशल फायर, मानिकपुर से कानपुर जाने वाली मेमो, प्रयागराज रिंग रेल स्पेशल को निरस्त कर दिया गया है। इसी तरह तुलसी सुपर फास्ट एक्सप्रेस को डायवर्ट कर दिया गया है। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बुधवार को बुंदेलखंड सहित लगभग एक दर्जन ट्रेनें समय पर नहीं पहुंची। जिससे यात्रियों को घंटों बैठकर इंतजार करना पड़ा। स्टेशन अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि बनारस से ग्वालियर जाने वाली बुंदेलखंड 15 घंटे 21 मिनट, झांसी से फतेहपुर जाने वाली वीरांगना लक्ष्मी बाई एक्सप्रेस दो घंटा 53 मिनट, महाकुंभ मेला स्पेशल पांच घंटा 38 मिनट, ग्वालियर से बनारस बुंदेलखंड एक्सप्रेस 13 घंटा पांच मिनट, बरौनी अहमदाबाद एक्सप्रेस छह घंटा 55 मिनट, रिंग रेल तीन घंटा 20 मिनट, महाकुंभ मेला स्पेशल एक घंटा 10 मिनट, चंबल एक्सप्रेस 10 घंटा 38 मिनट, दादर सेंट्रल स्पेशल 20 घंटा 40 मिनट, सहित अन्य कई ट्रेनें समय की पटरी से उतरी हुई हैं।
सड़क किनारे गुजारी रात
रेलवे स्टेशन के अंदर व बाहर की स्थिति मंगलवार की रात से लेकर बुधवार को फिर खराब हुई। प्लेटफार्म की ओर श्रद्धालुओं को न जाने देने के कारण तमाम श्रद्धालुओं को स्टेशन के बाहर व बसें न मिलने से बस स्टैंड पर सड़क किनारे रात गुजारनी पड़ी। ग्वालियर के श्रद्धालु रामस्वरूप ने बताया कि स्टेशन पर ट्रेन के आने का सही समय नहीं बताया गया और अंदर भी जाने दिया गया तो बाहर की परिवार के साथ लेटना पड़ा।
एंबुलेंस भी जाम में फंसी
जाम में श्रद्धालु ही नहीं बल्कि कई बार अधिकारियों के वाहन और एंबुलेंस भी फंसी। जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसपी अरुण कुमार सिंह मंदाकिनी पुल के पास जाम में फंस गये। शंकर बाजार में दो एंबुलेंस फंसी रहीं। सिविल लाइंस पर एसडीएम व तहसीलदार के वाहन फंस गये। इन वाहनों में मौजूद सुरक्षाकर्मियों को दौड़कर अधिकारियों के वाहनों को निकालने के लिए व्यवस्था करनी पड़ी।
इनसेट
डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
बुधवार को भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर भगवान कामदनाथ के दर्शन कर कामदगिरि की परिक्रमा लगाई। परिक्रमा मार्ग सहित अन्य तीर्थ स्थान जय श्रीराम के जयकारे से गूंजमान रहे।
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु धर्मनगरी में कामदगिरि की परिक्रमा लगाने के साथ हनुमानधारा, गुप्त गोदावरी, सती अनुसुइया आश्रम सहित अन्य तीर्थ स्थानों के दर्शन किया। जहां लाइन लगाकर श्रद्धालुओं को दर्शन करना पड़ा। गुप्त गोदावरी तीर्थ स्थान में श्रद्धालुओं को रोक रोककर जाने दिया गया। हनुमान धारा तीर्थ स्थल में रोपवे से जाने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है। यही हाल लक्ष्मण पहाड़ी स्थित रोपवे में देखने को मिलता है। श्रद्धालु राजेश सिंह ने बताया कि हनुमान धारा तीर्थ स्थान में लगे रोपवे से जाने के लिए लंबी लाइनें लगी रहती हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस लगी रही।