बीएसए ने शनिवार को जिले के 11 स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। जिससे शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय मंडिल का पुरवा मेें एक शिक्षिका स्कूल की बजाए रास्ते में मिली। जिससे उसका एक दिन को वेतन रोका गया। प्राथमिक विद्यालय गजटा और प्राथमिक विद्यालय शिवराजपुर में स्कूल बंद की शिकायत मिलने पर बीएसए ने मोबाइल से जानकारी ली। इसके बाद दोनों स्कूलों के पूरे स्टाफ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
लगातार विद्यालयों में शिक्षकों की गैर हाजिरी की शिकायत पर बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने शनिवार की सुबह पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवराजपुर का निरीक्षण किया। जहां पूरा स्टाफ मौजूद पाया गया। सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त मिली। वहीं, पड़ोस का प्राथमिक विद्यालय शिवराजपुर बंद मिलने पर नाराज बीएसए ने पूरे स्टाफ का वेतन रोक दिया।
प्राथमिक विद्यालय हरिहरपुर का काम सही पाया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरिहरपुर में शिक्षक मौजूद मिले। बीएसए ने छात्रों से कविताएं सुनी। प्राथमिक विद्यालय ढोलबजा व प्राथमिक विद्यालय भरतकूप मेें सभी शिक्षक मौजूद मिले।
इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय मंडिलका पुरवा में शिक्षिका स्फूर्ति सक्सेना स्कूल की बजाए रास्ते में मिलीं, इस पर बीएसए ने उसका एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। शिक्षिका ने बताया कि वह पेट्रोल भराने के कारण देरी से स्कूल पहुंची।
प्राथमिक विद्यालय गजटा के बंद होने की शिकायत फोन से मिली। इस पर बीएसए से समस्त स्टाफ का वेतन रोक दिया। कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोढ़वारा में सभी शिक्षक मौजूद मिले। बीएसए ने सभी शिक्षकों से स्कूल परिसर में पौधरोपण कराने के निर्देश दिए हैं।