एक तो दैवीय आपदा से किसान परेशान है। अब बची फसल में आग लगने से वह भी जलकर राख हो गई। तमाम प्रयास के बावजूद किसान व पड़ोसी फसल बचा नहीं सके। सूचना के बावजूद दमकल टीम भी मौके पर नहीं पहुंचे। लगभग दो लाग का नुकसान बताया जा रहा है
कोतवाली क्षेत्र के सरैंया गांव में गुरुवार की रात को संकर्षण प्रसाद द्विवेदी का परिवार खेत से धान काटकर मड़ाई के लिए घर के पास रखा था। देर रात को अचानक धान के लाक में आग लग गई। आग की लपटें देख किसान परिवार बाहर निकला।
यह देखकर आस-पास के भी सैकड़ों लोग पहुंच गए। ग्रामीणों ने दमकल टीम को सूचना दी लेकिन दो घंटे तक कोई नहीं पहुंचा। ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया गया।
तब तक लाक में रखा लगभग दो लाख का धान राख हो गया। शुक्रवार को लेखपाल राजनारायण सिंह ने मौके पर जाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की। भुक्तभोगी किसान ने बताया कि दमकल कार्यालय में मोबाइल से आग लगने की जानकारी दी गई। बताया गया कि कोई गाड़ी खाली नहीं है। सभी गाड़ियां मेला व स्ट्रांग रूम के पास लगी हैं।
राजापुर (चित्रकूट)। क्षेत्र के किसानों ने तहसील परिसर के सामने प्रदर्शन कर धान खरीद केंद्र खुलवाने की मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया कि छह वर्षों से यहां खरीद केंद्र खुलता था।
इस बार केंद्र न खुलने से किसान भटक रहा है।
शुक्रवार को चिल्लीमल गांव के किसानों ने राजापुर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। किसानों ने बताया कि उनके क्षेत्र में पर्याप्त धान का उत्पादन होता है। इस वर्ष कम बारिश के बावजूद धान की ठीक-ठाक खेती हुई है।
किसानों की फसल कटकर घर आ गई लेकिन खरीद केंद्र गांव के पास न होने के कारण सभी भटक रहे हैं। प्रदर्शन के बाद किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
इसमें धान खरीद केंद्र गांव में खुलवाने की मांग की है। इस मौके पर शिवभूषण मिश्र, रमेश दत्त, कल्लू वर्मा, रामभवन, रज्जू, सुशील कुमार, सूर्यभान सिंह, कृपा शंकर, रजोली, रामानुज व सत्यनारायण आदि मौजूद रहे।