चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे बरौंधा जंगल में लकड़ी काटने गए ग्रामीणों पर एक बाघ ने हमला कर दिया, हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। ग्रामीणों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई।
इसी बाघ ने रविवार सुबह जरमोहरा गांव के पास फिर से दो ग्रामीणों पर हमला कर उनको घायल कर दिया, अन्य ग्रामीणों के मौके पर आ जाने से बाघ भाग निकला। घायलों को सतना अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस्ती के आस पास बाघ के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीणों में दहशत है।
जिले के मानिकपुर व सीतापुर सीमा क्षेत्र से सटे मप्र के बरौंधा गोपालपुर पंचायत के बंसाकर खरपहाई जंगल में शनिवार शाम को लकड़ी काटने गए ग्रामीण बाघ की दहाड़ सुनकर जंगल से लौटने लगे, लेकिन रास्ते में ही बाघ ने दो ग्रामीणों पर हमला कर दिया।
इसी बीच दूसरे रास्ते से आ रहे छह ग्रामीणों के शोर मचाने और उसकी ओर दौड़ने से बाघ भाग निकला। रविवार सुबह दो दर्जन ग्रामीण धारदार हथियार व अन्य शस्त्र लेकर गांव से सटे जंगल में पहुंचे, तो वहां दो हिरन मृत मिले। ग्रामीणों के अनुसार, बाघ ने ही इनका शिकार किया है।
इसके अलावा खरपहाई जंगल से पंाच किमी आगे अमरपाटन के जरमोहरा गांव के पास बाघ ने रविवार सुबह गांव के रामलखन केवट व खरवाही पुरवा निवासी नीरज कुशवाहा पर हमला कर दिया। बस्ती से सटे इलाके में बाघ के हमले की जानकारी होते ही कई ग्रामीण वहां पहुंचे तो बाघ भाग निकला।
घायलों को ग्रामीणों ने सतना अस्पताल में भर्ती कराया है। दो दिनों के अंदर दो स्थानों पर बाघ के हमला करने की घटना से आसपास के ग्रामीणों में दहशत है। मानिकपुर के रानीपुर वन्य जीव विहार के क्षेत्राधिकारी त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि मप्र सीमा क्षेत्र से बाघों का मूवमेंट मानिकपुर की ओर भी रहता है। मप्र क्षेत्र में दो स्थानों पर बाघ के हमले की जानकारी मिली है।