चित्रकूट। तालाबों में दुर्गादेवी मूर्तियों के विसर्जन के दौरान भरतकूप थाना अंतर्गत भगवतपुर गांव के तालाब में एक किशाेर के डूबने की ग्रामीणों ने आशंका जताई है। शक के आधार पर पुलिस गोताखोर की मदद से उसकी तलाश तालाब व अन्य स्थानों पर भी कर रही है। पहाड़ी के नांदी गांव में देवी मूर्ति विसर्जन के दौरान एक ग्रामीण तालाब में डूब गया। आनन फानन गोताखोर व अन्य ग्रामीणों ने उसे बचा लिया।
घुरेटनपुर निवासी अवधेश कुमार ने बताया कि उसका पुत्र अंकित पटेल (14) बहन व आसपास के लोगों के साथ बाणगंगा तालाब में जवारा विसर्जन कर रहा था। उसकी बहन व अन्य ग्रामीण घर लौट आए, लेकिन अंकित नहीं लौटा। आशंका जताई कि वह तालाब में डूब गया है। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस ने मौके पर जाकर मौजूद लोगों से पूछताछ की तो किसी ने यह नहीं बताया कि कोई किशोर डूबा है। शक के आधार पर तालाब से लेकर अन्य स्थान पर खोजबीन कराई जा रही है। घटना की सूचना पर अपर एसपी सत्यपाल सिंह व सीओ अरविंद वर्मा मौके पर पहुंचे हैं। रेस्क्यू जारी है।
इसके अलावा पहाड़ी थाना क्षेत्र के नांदी गांव में देर शाम को मूर्ति विसर्जन के दौरान नांदी गांव निवासी चुन्नू (40) अचानक डूबने लगा। यह देखकर कुछ लोगों ने शोर मचाया तो वहां मौजूद दो गोताखोर व मूर्ति विसर्जन करने आए कुछ युवकों ने तालाब में कूदकर उसे बाहर निकाल लिया। कुछ प्रयास के बाद उसे होश आ गया तब सभी ने राहत की सांस ली।
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अव्यवस्था न होने पर नोकझोंक
चित्रकूट। तालाबों के आसपास सुरक्षा व रोशन के इंतजाम न होने पर विसर्जन करने आए कई ग्रामाीणों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। मानिकपुर, मऊ, राजापुर, शिवरामपुर व भरतकूप क्षेत्र के विसर्जन वाले स्थानों पर रात लगभग आठ बजे तक विसर्जन का काम जारी रहा। जानकारी होने पर डीएम शिवशरणप्पा शहर से सटे बनकट गांव के तालाब के पास एसपी अरुण कुमार सिंह के साथ पहुंचे। ग्रामीणों को जल्द विसर्जन करने और बिजली का इंतजाम कराने के निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि रात आठ बजे तक आठ सौ देवी प्रतिमाओं का सुरक्षित तरीके से विसर्जन कराया जा चुका है। संवाद