चित्रकूट। जिला अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में स्टाफ की लापरवाही का शिकार वो हो रहे हैं। जिन्होंने इस दुनिया में कदम रखा ही था। 12 घंटे के अंदर ही दो नवजात की मौत हो गई। इसमें एक तो मृत ही पैदा हुआ।
सदर तहसील क्षेत्र के मकरी गांव निवासी रामकरन ने बताया कि उसकी पत्नी इंदरनिया देवी को तेज प्रसव दर्द होने पर गुुरुवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम को महिला ने लड़के को जना। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रसव उपरांत नवजात व प्रसूता की हालत बेहद खराब हो रही थी लेकिन मौजूद स्टाफ ने इलाज करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। लगभग एक घंटे बाद नवजात की मौत हो गई। पहाड़ी ब्लाक क्षेत्र के पनौटी गांव निवासी शिवभजन ने बताया कि उसकी पत्नी शोभा देवी को प्रसव दर्द होने पर पहाड़ी सीएचसी में भर्ती कराया गया। गुरुवार की शाम तक स्टाफ ने उसे भर्ती रखा लेकिन सही इलाज नहीं किया। जिससे महिला की हालत बिगड़ गई। देर शाम को उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उसने मृत बालिका को जना। यह उसका पहला बच्चा था।
इस मामले में सीएमएस डा.एसएन मिश्रा ने बताया कि मकरी वाले प्रकरण में प्रसूता ने कोई जांच आदि नहीं कराई थी। वह खुद कमजोर थी और बच्चा भी बेहद कमजोर था। लगातार रक्तस्त्राव होने से प्रसूता को बचाने का प्रयास किया गया। जिसमें सफलता मिली लेकिन नवजात की मौत हो गई। पनौटी वाले मामले में भी प्रसूता बेहद कमजोर थी। स्टाफ ने सफल प्रसव कराया लेकिन बच्चा मृत ही जना था।