अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में रविवार को सुबह रक्षाबंधन पर कजली विसर्जन करने गए हाईस्कूल में पढ़ने वाले दो सगे भाई डूब गए। राजापुर और सीतापुर जिले से बुलाए गए गोताखोरों और 15 मल्लाहों की टीम ने सात घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शवों को नदी से बाहर निकाला। दोनों छात्रों के शव देखकर परिजन गश खाकर गिर गए, जिनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के कसहाई अनुसुइया पुरवा निवासी राजेंद्र प्रसाद के पुत्र घनश्याम (18) और धनराज (17) सुबह अपनी छोटी बहन लक्ष्मी के साथ बनकट के पास मंदाकिनी नदी में कजली विसर्जन करने गए थे। दोनों भाई ज्ञानभारती इंटर कालेज में कक्षा 10 में पढ़ते थे। कजली विसर्जन के दौरान के अन्य युवक-युवतियां भी थी। कजली विसर्जन के बाद सभी नदी में नहाने लगे। इस दौरान धनराज का पैर फिसलने पर वह गहरे पानी में चला गया। धनराज को नदी में डूबता देख बड़ा भाई घनश्याम ने नदी में छलांग लगा दी, पर वह भी गहरे पानी में डूबने लगा। दोनों को डूबता देख ग्रामीणों ने नदी में छलांग लगा दोनों को खोजने लगे, पर पता नहीं चला।
जिस जगह घटना हुई वहां पर पानी का बहाव और गहराई ज्यादा है। दो भाइयों के डूबने की सूचना पर एसपी मनोज झा, सदर एसडीएम इंदुप्रकाश, एएसपी बलवंत चौधरी और कोतवाल अनिल सिंह गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे और नदी में तलाश शुरू की। तीन घंटे तक दोनों का पता न चलने पर एसपी ने राजापुर व सीतापुर जिले से 15 मल्लाह और गोताखोरों को बुलवाकर तलाश शुरू कराई। शाम चार बजे मल्लाहों ने पहले घनश्याम को, फिर थोड़ी देर बाद धनराज को बाहर निकाला, पर तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों भाइयों के शव देखकर परिजन बेहोश हो गए।