बुजुर्ग इंद्रदेव की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक पवन कुमार ने शनिवार को प्रेस वार्ता में घटना का खुलासा किया। आरोपी शिकारियों द्वारा जानवरों को मारने के लिए बिछाए गए तारों से करंट लगने से बुजुर्ग की मौत हुई थी। आरोपियों ने घटना को छिपाने के लिए मृतक के अंग काटकर फेंक दिए थे। एसपी ने बताया कि दो आरोपी अभी फरार हैं।
गत दो फरवरी को थाना बरगढ़ के गांव चेन्नाड़ के पास इंद्रदेव त्रिपाठी (80) का क्षतविक्षत शव बरामद हुआ था। नाले के पास उनका हाथ, पैर और सिर मिलने से हड़कंप मच गया था। शुक्रवार को पुलिस ने जैतूनी नाले के पास से उनका धड़ बरामद किया। एसपी ने शनिवार को बुलाई प्रेसवार्ता में बताया कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य, मृतक के अंगों की स्थिति आदि से यह लगता था कि मौत करंट लगने या झुलसने से हुई है।
छानबीन में पता चला कि यह काम उन लोगों ने किया है जो रात में जानवरों का शिकार करने के लिए खेत के चारों ओर हाई वोल्टेज करंट के तार बांध देते हैं। एसपी ने बताया कि मामले में पकड़े गए चेन्नाड़ गांव के रामजतन उर्फ चौरासी पुत्र लखहरी कोल और वीरेंद्र उर्फ गुज्जर पुत्र झरी ने स्वीकार किया है कि जब इंद्रदेव की करंट से झुलसकर मौत हो गई तो ये लोग डर गए।
इन लोगों ने घटना छिपाने की मंशा से शव के टुकड़ेे-टुकड़े किए और घटनास्थल से दो किमी दूर जैतूनी नाला और आसपास फेंक दिए। एसपी ने बताया कि इनके खिलाफ धारा 302 और 201 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी दो आरोपियों कुल्लन उर्फ मुकद्दस पुत्र नाथे और मेवालाल पुत्र नाथ निवासी चेन्नाड़ मजरा ओबरी थाना बरगढ़ की तलाश जारी है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर आलाकत्ल कुल्हाड़ी और लगभग दो क्विंटल तार भी बरामद किया है। एसपी ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की है। उन्होंने बताया कि पूर्व में नामजद लोगों के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। मृतक के पुत्र ने इस आशंका में इनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था कि इंद्रदेव ने उनका कोटा निरस्त कराया था और ये लोग इसकी खुन्नस मानते थे।