बिगड़ी बिजली व्यवस्था से शहरवासियों को कुछ राहत मिली, लेकिन पेयजल आपूर्ति न होने से दूसरे दिन भी आधे शहरवासी हलाकान रहे। पेयजल समस्या का समाधान फिलहाल अभी दिखाई नहीं पड़ रहा है। जलसंस्थान और जलनिगम के अधिकारी जनहित देखने के बजाए एक दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैैं।
बनकट पावर हाउस से हो रही शहर की विद्युत आपूर्ति सुधार के लिए 40 की जगह 63 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगाने का काम रविवार को भी जारी रहा। जिससे शहर के तीन फीडरों में बारी-बारी से कटौती की गई, लेकिन पानी आपूर्ति की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। शंकर बाजार, कुबेरगंज, चकरेही चौराहा, नई बाजार, शत्रुघनपुरी, तरौंहा और बस स्टैंड क्षेत्र की जलापूर्ति रविवार को भी जस की तस रही। जिससे लोग दिन भर बाल्टी और डिब्बा लेकर पानी के लिए भटकते रहे।
सड़कों पर लगे हैंडपंपों पर पहले पानी भरने को लेकर नोंकझोंक की स्थिति बनी रही। इस समस्या को लेकर स्थानीय राजेश दुबे, विनय कुमार, रामसरन गुप्ता, भरतलाल, कल्लू, संतोष, अशोक कुमार, नीरज और विष्णु आदि ने बताया कि जल संस्थान के अधिकारियों को फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। कुछ देर बाद फोन बंद हो गया।
आरोप लगाया कि जल निगम के अधिकारियों ने बाइपास मार्ग से नई पाइप लाइन बिछाई, लेकिन पुरानी दाल मिल से लेकर चकरेही चौराहे तक पाइप नहीं डाले। बस स्टैंड और नई बाजार के लोगों ने भी विभागीय अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया।
इस बारे में जल संस्थान के प्रभारी अधिशाषी अभियंता केके शर्मा ने बताया जल निगम ने कई स्थानों पर पाइप लाइन तोड़ दी है और विद्युत आपूर्ति नहीं मिलने से जलापूर्ति प्रभावित है। उधर जल निगम के जेई शशी यादव और रमेश गुप्ता ने कहा कि जलसंस्थान ही शहर में आपूर्ति करता है। पाइप लाइन जहां बिछानी थी वहां बिछा दी गई है। अब जिम्मेदारी जल संस्थान की है।
लगभग चार किमी लंबी नई पाइपलाइन कच्ची छावनी व तरौंहा में बिछाई गई है। घुस मैदान की नई पानी की टंकी से इस क्षेत्र में आपूर्ति का सफल ट्रायल कर लिया गया है। सोमवार से इस लाइन में आपूर्ति दी जाएगी।_आरबी अग्रवाल, जल निगम के अधिशाषी अधिकारी