चित्रकूट। उत्तर प्रदेश विधान सभा में सोमवार को सपा के सदर विधायक अनिल प्रधान ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष और सदन के बाहर कोषागार घोटाला का मामला उठाया। उन्होंने मामले में हो रही जांच को धीमी बताया सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग भी की।
सपा विधायक ने विधानसभा में नियम:51 के अंतर्गत कहा कि चित्रकूट जिले में लगभग सौ करोड़ का कोषागार विभाग में घोटाला हुआ है। इसमें 43 करोड़ के घोटाले की पुष्टि भी हो चुकी है। इसमें सिर्फ 32 को ही जेल भेजकर 3करोड़ृ 66 लाख की ही रिकवरी हुई है। जांच की यही गति रही तो कई साल में यह पूरी हो पाएगी। ऑडिट टीम की जांच पर भी सवाल उठाए। कहा कि छोटे अधिकारियों को तो फंसा दिया गया लेकिन बडे अधिकारियों की भूमिका की जांच नहीं हो रही है। मृतकों के नाम से खाते संचालित होना और फिर अलग से भी खाते संचालित होने में सभी विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में मामला होता है। 2017 से लेकर 2025 तक के बीच कोषागार विभाग में तैनात हर अधिकारी कर्मचारी की भूमिका की जांच कराएं। इसके लिए जल्द ही सीबीआई जांच कराना उचित होगा।
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मीडिया पर बनाया जाता दबाव
चित्रकूट। सपा के सदर विधायक ने सदन में कोषागार घोटाला मामले में विस अध्यक्ष के सामने यह भी बताया कि कई अधिकारी व बिचौलिए अभी भी खुले आम घूम रहे हैं। घोटाले के संदर्भ में मीडिया को जिम्मेदार अधिकारी गोलमोल जवाब देते हैं। विभागीय व पुलिस का दबाव बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है। ऐसे में सीबीआई जांच कराया जाना चाहिए।