चित्रकूट। कोषागार घोटाला में जेल में बंद महिला पेंशनर की बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है, लेकिन बढ़ी हुई धारा में जमानत करानी होगी, तभी जेल से बाहर आएंगी।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता देव प्रकाश सिंह ने बताया कि मऊ क्षेत्र के खंडेहा निवासी महिला पेंशनर कमला देवी ने ही कोषागार घोटाला की पहली शिकायत दर्ज कराई थी। उसी के बाद पूरा घोटाला सामने आया था। इस पर महिला पेंशनर कमला देवी को 28 अक्टूबर को एसआईटी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तभी से पेंशनर जेल में बंद हैं। अधिवक्ता ने बताया कि पेंशनर 80 वर्ष की वृद्धा हैं और निरक्षर भी हैं। उनके खाता में कितनी धनराशि आई, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनके भाई ने ही कोषागार कर्मियों की मिलीभगत से खाता में आई धनराशि को निकाला है। महिला के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामले नहीं हैं। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने महिला पेंशनर की जमानत दे दी है। अब एसआईटी की दाखिल चार्जशीट में बढ़ी धारा में जिला कोर्ट से जमानत लेने के बाद वह जेल से बाहर आ जाएंगी।