संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। कोषागार में सामने आए 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश के कोषागारों की जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई का नंबर न आने से यह सुनवाई टल गई। अब अगले एक सप्ताह में इस मामले की सुनवाई होने की उम्मीद है।
यह मामला तब संज्ञान में आया जब चित्रकूट कोषागार में 43.13 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। इस गंभीर वित्तीय अनियमितता को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और प्रदेश के सभी कोषागारों में बकाया पेंशन, एरियर और अन्य सेवानिवृत्त लाभों के भुगतान की जांच के आदेश जारी किए थे।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता देव प्रकाश सिंह ने बताया कि बुधवार को इस मामले की सुनवाई निर्धारित थी। हालांकि, कोर्ट के सीरियल नंबर 197 पर होने से सुनवाई शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में अब अगली तारीख पर सुना जाएगा। अब अगले एक सप्ताह के भीतर इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में फिर से होगी, जिसमें सरकार को कोषागारों की जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी और घोटाले के संबंध में जवाब देना होगा।
-
दो पेंशनरों की भी नहीं हो सकी सुनवाई
कोषागार घोटाले में फंसे पेंशनर दुर्गाप्रसाद व जुगवा उर्फ जुगवा देवी के मामले में भी बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी है। इसमें जुगवा देवी जमानत पर जेल से बाहर हैं। इनको हाईकोर्ट व जिला कोर्ट से जमानत मिलने के बाद राहत मिली है।
पकड़े जाने वाले आरोपियों के खिलाफ दोबारा चार्जशीट होगी दाखिल
कोषागार घोटाला में 93 पेंशनर, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी, तीन कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसमें एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है। वहीं दो कर्मचारी, 25 पेंशनर व आठ बिचौलियों को एसआईटी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनके खिलाफ एसआईटी ने न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल कर दिया है। इसके बाद एक बिचौलिए को और गिरफ्तार किया है। अभी अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। अब गिरफ्तार होने वाले आरोपियों के खिलाफ 90 दिन में एसआईटी दोबारा चार्जशीट दाखिल करेगी।