चित्रकूट। जिले के कोषागार में हुए 43.13 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में विशेष जांच दल अपनी जांच पूरी करने की कगार पर है। जेल में बंद 35 कर्मचारियों, पेंशनरों व बिचौलियों के खिलाफ एसआईटी किसी भी दिन न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। इसके लिए एसआईटी ने पूरी तैयारी कर ली है और निर्धारित समय-सीमा में ही चार्जशीट पेश करने का दावा कर रही है।
कोषागार में अक्तूबर माह में सामने आए 43.13 करोड़ के घोटाले के बाद वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी, सहायक कोषाधिकारी विकास सचान, लेखाकार अशोक वर्मा, पटल सहायक संदीप श्रीवास्तव सहित 93 पेंशनरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान आठ बिचौलियों के नाम भी प्रकाश में आए, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वर्तमान में इस मामले में दो कर्मचारी, 25 पेंशनर और आठ बिचौलिए जेल में बंद हैं। पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी को तीन माह का समय पूरा होने वाला है, जिसके चलते एसआईटी जेल में बंद सभी 35 आरोपियों के खिलाफ करीब चार हजार पन्नों की चार्जशीट तैयार कर चुकी है। इसे किसी भी दिन कोर्ट में पेश कर सकती है। वहीं, एसआईटी फरार चल रहे पेंशनरों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष योजना पर काम कर रही है। आरोपियों के गांवों में उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए मुखबिरों को सक्रिय कर दिया गया है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जेल में बंद सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसे किसी भी दिन दाखिल किया जा सकता है। एसआईटी फरार पेंशनरों की गिरफ्तारी के लिए भी अलग से रणनीति बना रही है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।