फोटो 27सीकेटीपी 14 पुलिस की गिरफ्त में बिचौलिया देव कुमार। संवाद
चित्रकूट। कोषागार में 43.13 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार को एक और बिचौलिए को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही घोटाले में अब तक कुल 36 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। बिचौलियों ने पेंशनरों को अपने झांसे में लेकर करोड़ों रुपये का भुगतान अनियमित तरीके से कराया था।
यह घोटाला पिछले साल अक्तूबर माह में सामने आया था, जिसमें 43.13 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी। इस मामले में वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह ने 93 पेंशनरों, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी और चार अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसआईटी को सौंपी गई थी।
एसआईटी की विवेचना के दौरान यह बात सामने आई कि इस घोटाले में आठ बिचौलियों की संलिप्तता थी। इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सोमवार को एसआईटी ने मानिकपुर थाना क्षेत्र के हनुवा निवासी देव कुमार त्रिपाठी उर्फ बोग्गन त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। वह भी इस घोटाले में एक प्रमुख बिचौलिया बताया जा रहा है।
कोषागार घोटाले में अब तक कुल 36 आरोपी जेल जा चुके हैं। इनमें 25 नामजद पेंशनर, दो कोषागार कर्मी और नौ दलाल (बिचौलिए) शामिल हैं। हालांकि, इस मामले में एक महिला वृद्ध पेंशनर जोगवा देवी को जमानत मिल चुकी है। एसआईटी घोटाले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है और आगे भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।