बांदा। बिजली अफसरों और राज्यमंत्री का विवाद आपसी सुलह-समझौते के बाद खत्म हो गया। लेकिन अब अवर अभियंता संगठन ने दबाव में किए गए तबादलों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। संगठन का कहना है कि जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद के दबाव में किए गए चार अवर अभियंताओं के स्थानांतरण उन्हें स्वीकार नहीं हैं। संगठन ने तबादले निरस्त न होने तक आंदोलन का एलान किया है।
संगठन अध्यक्ष इंजीनियर कांता प्रसाद ने कहा कि 19 जून को दिन राज्यमंत्री के दबाव में मुख्य अभियंता ने चार अवर अभियंताओं के नियम विरुद्ध व अनैतिक ढंग से स्थानांतरण कर दिया, इससे अवर अभियंता संगठन में आक्रोश है। ऐसे तबादले उन्हें स्वीकार नहीं हैं और इन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इसी दिन रात में समर्थकों के साथ बिजली दफ्तर पहुंचे राज्यमंत्री ने कुछ इंजीनियरों की पिटाई कर दी थी।
संगठन के सचिव ख्वाजुद्दीन ने 21 जून को मुख्य अभियंता को पत्र सौंपकर स्थानांतरण रद्द करने की मांग की थी। कहा है कि दबाव में आकर मुख्य अभियंता ने रात में ही चार अवर अभियंताओं रविकांत अनुरागी, विवेक सिंह, रजनेश कुमार और विजय कौशल पांडेय के तबादले कर दिए थे। हालांकि मुख्य अभियंता आरिफ अहमद ने चारों अवर अभियंताओं के तबादलों को लेकर आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक तबादले निरस्त नहीं किए गए।
वर्जन-
वह सरकारी कर्मचारी हैं, उन्हें जनता के हित में कार्य करना होगा। जनहित में कार्य करेंगे तो हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा। हम जनप्रतिनिधि हैं, जनता की समस्याएं उठाएंगे ही।
-संजय निषाद, पीआरओ, जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद
-जूनियर इंजीनियरों के तबादले किसी के दबाव में नहीं किए गए हैं। लापरवाही की शिकायतें आ रही थीं, इसीलिए तबादले किए गए हैं। धरने पर बैठे इंजीनियरों को यही बात बताई गई है।
-आरिफ अहमद, मुख्य अभियंता, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, चित्रकूटधाम मंडल