एचटी लाइन दुरुस्त करते समय करंट लगने से मरे लाइनमैन के मामले में विद्युत विभाग ने दोषियों पर कार्रवाई के लिए जांच कमेटी गठित किए जाने की मांग की है। वहीं हाइड्रो एंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों की अधिशाषी अभियंता से बातचीत के बाद गुरुवार शाम को कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया गया।
मालूम हो कि बुधवार को रानीपुर भट्ट फीडर से आपूर्ति बाधित होने पर लाइनमैन नरेंद्र पटेल बेड़ी पुलिया स्थित विद्युत पोल पर चढ़कर हाइटेंशन लाइन ठीक कर रहा था, तभी करंट से उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में जेई राजेंद्र राजपूत और एसएसओ शिवनारायण मिश्रा पर लापरवाही की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गुरुवार को अधिशाषी अभियंता राजमणि विश्वकर्मा ने बताया कि लाइनमैन की मौत जिस तरह हुई है वह दर्दनाक है।
एसडीओ प्रथम के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई है जो तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। मृतक के परिजनों को संविदा पर रखने वाली कंपनी से बीमा राशि दिलाई जाएगी। इसके अलावा मानवता के आधार पर विभागीय मदद की जाएगी। उधर संविदा कर्मियों ने दूसरे दिन भी विरोध जारी रखते हुए कार्य बहिष्कार किया। शाम को हाइड्रो एंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने अधिशाषी अभियंता के साथ बैठक की।
जिसमें लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की मांग की गई। यूनियन के जोनल अध्यक्ष हरिभजन द्विवेदी ने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो इसके लिए ठोस उपाय किए जाए। साथ ही मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद दी जाए। बैठक में मंडलीय मंत्री रामलाल पाल, शैलेंद्र कुमार, संतोष कुमार, सुंदरलाल मिश्रा, निर्मल, शिवप्रकाश अवस्थी, सुभाष, धर्र्र्मेद्र, विनोद, उदयवीर, राजकुमार व दिलीप शर्मा आदि रहे।
लाइनमैन की मौत के बाद जागे विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कर्मचारियों की मांग पूरी करने के लिए ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मंडलीय मंत्री रामलाल पाल की मांग पर 28 मई को सिविल लाइंस मार्ग पर ट्रांसफार्मर में करंट लगने से झुलसे लाइनमैन राजकुमार मामले में दोषी एसएसओ ब्रजमोहन पांडेय के खिलाफ अधिशाषी अभियंता राजमणि विश्वकर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।