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स्वाइन फ्लू से निपटने को कसी कमर

Fri, 27 Feb 2015 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
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स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए जिला अस्पताल में अलग से वार्ड बनाया गया है। दवाएं भी आ गई हैं। हालांकि यहां पर स्वाइन फ्लू की जांच की व्यवस्था नहीं है।
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स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मरीज आने पर बलगम और खून आदि के सैंपल जांच के लिए एसजीपीआई लखनऊ भेजा जाएगा। जांच की व्यवस्था न होने के बारे में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरबी सिंह कहते हैं कि यह बहुत ही महंगा सिस्टम है।

डॉ. सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू बीमारी संक्रमण से होने वाली खतरनाक बीमारी है। इसमें रोगी में जुकाम और बुखार के लक्षण होते हैं। रोगी लगातार कमजोर होता जाता है।
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उन्होंने सलाह दी कि लोग मुंह में मास्क बांधकर निकलें और घर पहुंचते ही हाथ-पैर अच्छी तरह से धो लें। खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धो लें। लगभग बीस सेकेंड तक हाथ मलें।

उन्होंने कहा कि यह इतनी खतरनाक बीमारी है कि अगर किसी स्वाइन फ्लू पीड़ित ने आपके सामने छींक या खांस दिया तो आप सौ फीसदी संक्रमित होने की आशंका में आ जाएंगे।

उन्होंने बताया कि हालांकि जिला अस्पताल में अभी तक कोई मरीज नहीं आया है। एहतियात के तौर पर स्पेशल स्वाइन फ्लू वार्ड बना दिया गया है। दवाएं भी मंगा ली गई हैं।

बताया कि इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए किट भी आ गई हैं। बताया कि यहां जांच की व्यवस्था नहीं है। स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर रोगी का बलगम, रक्त आदि जांच को पीजीआई लखनऊ भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस जगह सुअर होते हैं, वहां पर इस रोग के होने की आशंका ज्यादा रहती है।
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