चित्रकूट। दहेज उत्पीडऩ के मामले में दोष सिद्ध होने पर त्वरित न्यायालय ने दोषी को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
पहाड़ी क्षेत्र के भरकोर्रा गांव के निवासी ननकू ने बताया कि 21 मई 2018 को कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी कुसुम की शादी कर्वी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत इटखरी गांव के रहने वाले शिवऔतार के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन कुसुम को दहेज के लिए परेशान करते थे।
ससुराल वालों के दबाव बनाने पर उन लोगों ने शादी के बाद भी शिवऔतार को एक बाइक दी थी। इसके बाद ससुरालीजन 50 हजार रुपये और मांगने लगे। इसमें असमर्थता जाहिर करने पर 28 अप्रैल 2018 शिवऔतार भरकोर्रा से कुसुम को लिवाकर इटखरी चला आया और रात में उसके साथ मारपीट करने के बाद दूसरे दिन 29 अप्रैल को सबेरे ससुरालीजनों ने कुसुम को आग से जलाकर मार डाला। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीले सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने शनिवार को मृतका के पति दोषी शिवऔतार को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।