चित्रकूट। चित्रकूट में अमावस्या पर परिक्रमा करते समय गायब वृद्ध का 11 दिन बाद कंकाल के रूप में शव मिला है। परिजनों ने रुपयों को लेकर उनके रिश्तेदार व उसके दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमेंं सभी मृतक के रिश्तेदार हैं। परिक्रमा मार्ग व भरतकूप के पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एसपी ने मामले के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की हैं।
बांदा जिले के जरेली कोठी पुलिस लाइन तिराहा निवासी दिलीप कुमार यादव उर्फ दीनू ने बताया कि उसके पिता राजाभैया यादव (62) 24 जुलाई की सुबह छह बजे सावन माह की अमावस्या पर चित्रकूट में दर्शन व परिक्रमा के लिए गांव के ही रामऔतार, रामबाबू व लल्लू धुरिया के साथ निकले थे। इसी दिन परिक्रमा मार्ग से ही उसके पिता लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिले थे।
इसकी जानकारी पिता के साथ आए तीनों ग्रामीणों ने फोन कर उसे दी थी। इसके बाद नयागांव व कोतवाली कर्वी में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोमवार की देर शाम को सूचना मिली कि भरतकूप थाना क्षेत्र के हुडा के जंगल में खाई किनारे एक कंकाल पड़ा है। मौके पर पुलिस के साथ पहुंचे और जेब में मिले आधार कार्ड, मोबाइल, बाइक की चाबी, चश्मा से पिता के शव होने की पुष्टि की।
दिलीप ने बताया कि उसकी पत्नी अर्चना देवी के चाचा बुद्ध विलास यादव ने 24 जुलाई को ही उसके पिता से सात लाख रुपये उधार लिए थे। आरोप लगााया कि रुपये वापस न करना पड़े, इसलिए अपने दोस्त के साथ परिक्रमा मार्ग से पिता को बाइक से ले गए। आशंका है कि इन्हीं ने हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया। बताया कि पुलिस ने गुमसुदगी दर्ज कर बरहा हनुमान मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से खोजबीन में जुटी है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं। उसके दो बेटे बृजकिशोर उर्फ बउवा व दीनू, दो बेटी सुमन व रेखा और पत्नी सुशीला देवी हैं।
जल्द किया जाएगा खुलासा
एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। कोतवाल उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दो जगह गुमसुदगी दर्ज है। सीसीटीवी, सर्विलांस की मदद से हत्यारों की तलाश जारी है। पांच संदिग्धों से थाने में पूछताछ की जा रही है। तीन टीमें खुलासा के लिए लगी हुई हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।