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बीमारी से तंग आकर महिला ने दी जान

Tue, 04 Apr 2017 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
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कुएं से महिला का शव निकालने के बाद ग्रामीणोें से जानकारी लेते कोतवाल सत्यपाल सिंह। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 बीमारी से तंग महिला ने कुएं में कूदकर जान दे दी। दो दिन बाद कुएं से शव मिलने पर पूरे गांव में हड़कंप मच गया।  कोतवाली क्षेत्र के ब्यूर गांव की धनपतिया (60) पत्नी कुलबुल वर्मा कई महीने से बीमारी से परेशान थी। उसकी बीमारी पर काफी रुपये खर्च हो गए। इससे परिवार की आर्थिक हालत बिगड़ गई।
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इसको लेकर वह चिंतित रहती थी। दो साल पहले पिता का भी निधन हो चुका है। शुक्रवार को घर में इसी बात को लेकर चर्चा भी हुई। इसके बाद वह रविवार को घर में बिना किसी से बताए चली गईं।

 मृतका के पुत्र के अनुसार देर रात उसकी मां नहीं लौटी तो खोजबीन की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सोमवार को भी सभी संभावित स्थानों पर खोजबीन करते रहे। मंगलवार की सुबह गांव के ही एक कुएं में कुछ लोगों ने महिला का शव होने की बात कही।
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सूचना पर कोतवाली पुलिस व फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची। किसी तरह महिला को बाहर निकाला गया। उसकी शिनाख्त धनपतिया के रूप में हुई। कोतवाल ने बताया कि महिला ने बीमारी से तंग आकर कुएं में कूदकर जान दी है। शव पोस्टमार्टम को मुख्यालय भेजा गया है। मृतका के दो पुत्र दो पुत्रियां हैं।

प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग से हटाई जाने वाली शराब की दुकानों को बस्ती में न खोलने का आदेश जारी किया है। इसका असर क्षेत्रीय जनता में यह रहा कि सभी ने कहा कि बस्ती से बाहर दुकान होने से कुछ राहत रहेगी। उधर, दुकानदारों ने कहा कि उन्हें डबल परेशानी उठानी पड़ रही है।

भारी राजस्व देते हैं इसके बावजूद कभी इधर तो कभी उधर हटाया जा रहा है।
 राष्ट्रीय राजमार्ग से दुकानें हटाने के अदालती आदेश के बाद जिले के शराब ठेकेदारों ने बस्ती के अंदर दुकानें खोल ली हैं। कुछ गांव की बस्ती के आसपास भी दुकानें खुलीं। इससे बस्ती वालों ने विरोध किया। जिले में शहर से लेकर कई गांव के ग्रामीणों ने कलेेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर शराब की दुकानों को बस्ती से दूर खुलवाने की मांग की थी।

इस बीच तक नए वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग के नियमों  के मुताबिक देशी व अंग्रेजी शराब की दुकानें ठेकेदारों ने जहां सुविधा देखी वहीं खोल ली।  प्रदेश सरकार ने बस्ती से 500 मीटर दूर दुकानें खोलने को कहा गया। अब इस आदेश से मुख्यालय समेत कई गांव के लोग खुश हैं। समाज सेवी अभिमन्यू भाई, गोपालभाई, गायत्रीशक्तिपीठ के डा. रामनारायण त्रिपाठी,पतजंलि योग पीठ की मंजू केसरवानी, लालमनी सहित महिलाओं ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है सभी ने कहा है कि बस्ती में शराब की दुकाने खोलने से नशा खोरी बढ़ जाती।
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